पानीपत। बारिश ने निगम की निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी और बदहाल व्यवस्था का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वीरवार सुबह करीब दो घंटे हुई बारिश से शहर की सभी सड़कों पर जलभराव हो गया। निगम के 150 नाला गैंक के कर्मचारी और करीब 500 सफाई कर्मचारी भी शहर से बरसाती पानी की निकासी नहीं करवा पाए। खास बात ये रही कि गृह एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री भी बरसाती पानी को लेकर सभी निगम अधिकारियों को कड़े निर्देश दे चुके हैं, इसके बाद भी निगम अधिकारी नहीं जाग पाए हैं। निगम ने ठप पड़ी निकासी व्यवस्था का ठीकरा शहर में चल रही अवैध डेयरियों पर फोड़ा है। निगम का कहना है कि इन डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट की वजह से सीवर और नाले चोक होते हैं। इसकी वजह से सफाई नहीं हो पाती।
यहां रहा जलभराव
शहर के सभी मुख्य रास्तों के अलावा इसांर बाजार, चौड़ा बाजार, पालिका बाजार, जीटी रोड, एसडी कॉलेज रोड, अनाज मंडी, सब्जी मंडी, विकास नगर, संजय कॉलोनी, कृष्णपुरा, सेक्टर 25 पार्ट-1, सेक्टर 29 पार्ट- 2, विद्यानंद कॉलोनी, उग्रा खेड़ी रोड, सनौली रोड, जाटल रोड, राज नगर, आजाद नगर, संजय कॉलोनी, नूरवाला, बरसत रोड एरिया, वार्ड 10 की तरफ से सेक्टर 11-12, पुरानी सब्जी मंडी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, नूरवाला, आदर्श नगर व वीवर्स कॉलोनी समेत कई जगहों पर में सबसे ज्यादा जलभराव दिखाई दिया।
157 किलोमीटर लंबे नालों के लिए साढ़े छह सौ कर्मचारी
शहर में नगर निगम के अधीन करीब 157 किलोमीटर लंबी नाले व नालियों हैं। इनकी सफाई के लिए निगम ने 150 कर्मचारियों की नाला गैंग व एक जेसीबी मशीन को लगाया है। निगम का दावा है कि उन्होंने मानूसन की तैयारियां पहले ही कर ली थी। अब उनका काम 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है लेकिन इस बारिश ने फिर से निगम के इन दावों को फेल साबित कर दिया है।
जगह-जगह पर नाले व नालियों की सफाई के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा मशीन से भी सफाई करवाई जा रही है। जहां से भी जलभराव की शिकायत आती है वहीं, सफाई करवाई जाती है। इसके लिए नाला गैंग के 150 कर्मचारियों के साथ निगम के पक्के झाड़ू वाले करीब 500 सफाई कर्मचारियों को भी नाले, नालियों की सफाई पर लगा दिया है। - रिंकू शर्मा, एसआई, सफाई शाखा, नगर निगम, पानीपत।