पानीपत। पिछले 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश से शहर अस्तव्यस्त हो गया। वीरवार की रात 10 बजे से शुरू हुई बारिश शुक्रवार की रात 10 बजे तक भी नहीं रुकी। शुक्रवार को सुबह आठ से शाम पांच बजे तक 43.2 एमएम बारिश हुई और पिछले तीन दिन का यह आकंड़ा 86 एमएम का है। जहां शहर की 80 से ज्यादा कॉलोनियों का हाल बेहाल रहा वहीं जीटी रोड पर जलभराव से लोग दिनभर जाम से जूझे। स्कूल गए विद्यार्थी रेनी डे होने से सुबह 10 बजे ही घर लौट आए।
जीटी रोड से लेकर गोहाना रोड, असंध रोड, बरसत रोड और सनौली रोड में जलभराव रहा। इन मुख्यमार्गों पर जलभराव से यातायात की गति धीमी रही। सबसे ज्यादा जलभराव शहर की आउटर कॉलोनियों में देखने को मिला। कुटानी रोड, बबैल रोड, ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया, काबड़ी रोड के आसपास की 80 से ज्यादा कॉलोनियों में भीषण जलभराव रहा। ड्रेन-एक में भी बरसती पानी का बहाव तेज रहा।
पानीपत और समालखा में सबसे अधिक 50 एमएम हुई बारिश
तीन दिन से बारिश हो रही है, लेकिन बृहस्पतिवार की रात से लगातार बारिश चल रही है। बारिश तेज नहीं है, लेकिन शुक्रवार को सुबह आठ से शाम पांच बजे तक 43.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश समालखा और पानीपत में 50 एमएम हुई। इसराना में 40 और बापौली एवं मतलौडा में 38-38 एमएम बारिश दर्ज की गई। पिछले तीन दिन में 86 एमएम बारिश हुई है। बीते तीन दिन में 86 एमएम बारिश हो चुकी है।
बाजारों में भी भरा पानी, कारोबार हुआ ठप
जीटी रोड से सटे गोहाना रोड, संजय चौक से लेकर एसडी कॉलेज तक सड़क दोनों तरफ पानी भरा रहा। जीटी रोड से सटे शहर के सभी मुख्य बाजारों में भी पानी भर गया। पालिका बाजार, इंसार बाजार, पचरंगा बाजार और कंबल मार्केट में लोगों का जाना मुश्किल हो गया। ग्राहकों के नहीं आ पाने से बाजारों का कारोबार प्रभावित रहा।
सबसे ज्यादा यहा भरा पानी
झमाझम बारिश से जीटी रोड, गोहाना रोड, असंध रोड, संजय चौक, सनौली रोड, जाटल रोड, बरसत रोड, अनाज मंडी, सब्जी मंडी, असंध रोड अंडरपास, गोहाना रोड अंडरपास, कृष्णपुरा, शिवनगर, आजाद नगर, बबैल रोड, कुटानी रोड, बाईपास, सेक्टर 25 व सेक्टर 29 के दोनों पार्ट, आदर्श नगर, वीवर्स कॉलोनी, कच्चा कैंप, तहसील कैंप समेत शहर के तकरीबन सभी आउटर कॉलोनियों में जलभराव हुआ। इसके अलावा शहर के असंध रोड, गोहाना रोड के अंडरपास भी जलमग्न रहे।
निगम के दावे हुए फेल
निगम के अधीन करीब 170 किलोमीटर लंबे नाले व नालियों की सफाई का काम है। निगम के पास खुद की मैनपावर है। दो सफाई एजेंसिंयां भी हैं। इसके अलावा चार सुपर सकर मशीन भी हैं लेकिन इन सबके बावजूद भी शहर की निकासी दिन भर ठप नजर आई। हालांकि निगम अफसर पूरा दिन निकासी को दुरूस्त करवाने का प्रयास करते नजर आए।
निकासी का बनाएंगे मास्टर प्लान
निगम टीम लगातार जलभराव की निकासी का प्रयास कर रही है। जहां से शिकायतें मिल रही हैं वहां तुंरत कर्मचारियों या मशीन भेजकर निकासी करवाई जा रही है। शहर में बरसाती पानी की निकासी का मास्टर प्लान भी बनाया जाएगा ताकि भविष्य में लोगों को बारिश के पानी से परेशानी न हो।
- रमेश कुमार, एसई, नगर निगम।
पानीपत। पानीपत अनाज मंडी में बारिश के दौरान तरवपाल से ढकी हुई धान व बारिश से बचने के लिए सिर पर तर?- फोटो : Panipat