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लॉकडाउन के बाद उद्यमियों ने दोबारा उद्योगों में जलाना शुरू किया वेस्ट, एक्यूआई चिंताजनक स्तर पर

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एनजीटी और एचएसपीसीबी की सख्ती और लगातार कार्रवाई के बाद भी कुछ उद्यमी वेस्ट जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। अब भी फैक्टरियों में दिनदहाड़े वेस्ट जलाया जा रहा है। उद्यमी एक रुपये किलोग्राम के हिसाब वाला प्लास्टिक, रबर, चप्पल जूते जला रहे हैं। इसी कारण शहर में प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले छह दिन से शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्श लगातार बढ़ रहा है। इस दौरान एक्यूआई औसतन 130 दर्ज किया गया है। जो स्वास्थ्य के लिए नुकशानदायक है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लापरवाही का एक बड़ा कारण ये भी है कि पिछले एक साल में पांच रिजनल ऑफिसर का यहां से तबादला हो चुका है। आरओ इन उद्योगों पर कार्रवाई के लिए प्लानिंग तैयार करते हैं और मीटिंग करनी शुरू करते हैं इसी बीच उनका तबादला कर दिया जाता है।
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पिछले छह दिन का एक्यूआई
मंगलवार 134
बुधवार 108
वीरवार 128
शुक्रवार 139
शनिवार 130
रविवार 119
सनौली रोड, काबड़ी और कुटानी स्थित फैक्टरियों में जलाया जा रहा वेस्ट
सनौली रोड और काबड़ी रोड स्थित फैक्टरियों में चिमनी से उठती काले धुएं के गुबार प्रदूषण फैला दे रहे हैं। प्रशासन सिर्फ कागजों में ही कार्रवाई कर रहा है। एनजीटी की टीम दो दिन पहले ही पानीपत का निरीक्षण कर प्रदूषण फैलाने वाले स्त्रोतों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दे चुकी है। पानीपत में 20 हजार छोटे बड़े उद्योग हैं। पानीपत देश का 11 वां सबसे प्रदूषित शहर है। एनजीटी प्रदूषण फैलाने पर रिफाइनरी पर साढ़े 17 करोड़ और शुगर मिल पर 20 लाख रुपये जुर्माना भी लगा चुका है।
दो साल में 135 उद्योगों को बंद करने के हुए हैं निर्देश
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा दो साल में 110 बड़े उद्योगों को बंद करने और 160 से अधिक को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुका है। बिना अनुमति के भू-जल का दोहन करने वाले 48 उद्योगों को भी हाल में क्लोजर नोटिस जारी किया गया है। शहर स्वच्छता में देश में जहां 182 वें स्थान पर हैै।
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रेड और ऑरेंज कैैटेगरी के उद्योगों पर लग चुका है जुर्माना
एनजीटी पानीपत में लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए पानीपत के रेड कैटेगरी में आने वाले 370 और ऑरेंज कैटेगरी में आने वाले 222 उद्योगों पर जुर्माना ठोका जा चुका है। इन दोनों कैटेगरी के बड़े उद्योगों को एक करोड़ रुपये, मध्यम को 50 लाख छोटे उद्योगों को 25 लाख रुपये एनजीटी में जुर्माने के तौर पर जमा कराने होंगे।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई पर पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने कहा कि जो उद्योग कूड़ा-कर्कट और प्लास्टिक वेस्ट जला रहे हैं डायर्स एसोसिएशन उनका साथ नहीं देगी।
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जो उद्यमी पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं उनको बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में प्लानिंग भी तैयार की जा रही है।
कमलजीत सिह, आरओ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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