वार्ड नंबर पांच के खस्ता हालातों से परेशान वार्ड पार्षद ने अब निगम अधिकारियों को अल्टीमेट देते हुए चेतावनी दे दी है। पार्षद का आरोप है कि निगम अधिकारियों की लापरवाही की वजह से वार्ड के हालात बदत्तर होते जा रहे हैं। न कोई विकास कार्य हो पा रहा है न ही कोई सुधार हो रहा है। वार्ड की करीब 8 कॉलोनियों के 35 हजार लोग निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। गंदे पानी की निकासी न होने की वजह से जगह - जगह गंदे पानी के तालाब भर चुके हैं। बेसहारा गौवंश सड़कों पर भूखे घूम रहे हैं, जो आए दिन किसी न किसी हादसे का कारण बन रहे हैं। करोड़ों रुपये स्ट्रीट लाइट मैनपॉवर और मैटिरियल स्पलाई के टेंडर के बाद भी लाइटें ठीक नहीं हो रही हैं। निगम एक्सईएन उनकी किसी भी शिकायत पर गौर तक नहीं फरमाते। जिससे उनके साथ पूरे वार्ड को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही निगम अधिकारी नींद से नहीं जागे तो वे खुद निगम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे, जो अनिश्चितकालीन तक चलेगा।
वार्ड नंबर पांच के पार्षद अनिल बजाज ने कहा कि उनके वार्ड में 8 कॉलोनियों में करीब 25 हजार लोग निगम की वजह से परेशान हैं। वार्ड में विकास कार्यों के लिए टेंडर तो लगे हैं, लेकिन ठेकेदारों की पैमेंट न होने की वजह से काम अधर में पड़े हैं। तकरीबन हर वार्ड में गंदे पानी की निकासी न होने की वजह से तालाब बन चुके हैं, जो बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं। स्ट्रीट लाइट ठीक नहीं, जिससे रात को अंधेरा कायम रहता है। पानी की सुविधा नहीं, सड़कें नहीं, शिकायत करो तो कार्रवाई भी नहीं। ऐसे में वार्ड के लोग उनके पास रोजाना शिकायत तो लेकर आते हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर निगम अधिकारियों का रवैया बेहद ढुलमुल है।
150 से ज्यादा एलईडी लाइटें बंद
पार्षद अनिल बजाज ने कहा कि उनके वार्ड में ट्यूबलाइट व एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगी थी, जिनमें से अधिकतर खराब पड़ी हैं। अब निगम ने करोड़ों रुपये से टयूबलाइटों को ठीक करने के लिए मैनपॉवर व मैटिरियल सप्लाई का टेंडर भी दिया, लेकिन जिन कर्मचारियों को लगाया है वे 12 बजे आते हैं और 4 बजे भाग जाते हैं। दूसरा सिर्फ टयूबलाइटों को ठीक किया जाता है। एलईडी स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने से साफ मनाही है। न ही इनके पास एलईडी स्ट्रीट लाइटों का सामान है।
उन्होंने निगम अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे निगम की लापवाही को काफी दिनों से बर्दाश्त कर रहे हैं, लेकिन अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। निगम को ये उनका आखिरी अल्टीमेटम है इसके बाद वे सीधे कार्रवाई करवाने के लिए मजबूर होंगे।
वर्जन-
वार्ड की समस्याओं के बारे में अभी तक मुझे पूरी जानकारी नहीं है। कुछ समस्याओं से पार्षद अवगत करवा चुके हैं, जल्द ही निगम अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया जाएगा और संबंधित विकास कार्यों को करवाने के निर्देश दिए जाएंगे।
सुशील कुमार, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।