पानीपत। ऐतिहासिक नगरी पानीपत में वक्फ बोर्ड के अंतर्गत करीब 586 प्रॉपर्टी हैं। इनमें आवासीय, व्यवसायिक और खेती की भूमि है। बोर्ड को इनसे करीब 50 लाख की आमदन होती है। साथ ही प्रॉपर्टी के 150 केस अलग-अलग कोर्ट में हैं। वक्फ बोर्ड के नए बिल के ड्राफ्ट का हर किसी को इंतजार है। इसी पर आगामी कार्य किया जाएगा।
बंटवारे के समय पानीपत काफी प्रभावित हुए था। यहां का खड्डी का कारोबार एक तरह से बंद हो गया था। पाकिस्तान से लौटे लोगों ने इसको संभाला। वहीं वक्फ बोर्ड ने संपत्ति की पहचान की। शहर का एक बड़ा हिस्सा आज भी कस्टोडियन की जमीन में आता है। वहीं वक्फ बोर्ड की अपनी स्वतंत्र 586 प्रॉपर्टी हैं। इनका हर महीने व साल की दर से किराया है। वक्फ बोर्ड इसका पूरा लेखा जोखा रखता है और अंबाला मुख्यालय में इसकी रिपोर्ट की जाती है।
विवादित प्रॉपर्टी के चल रहे केस
वक्फ बोर्ड की विभिन्न प्रॉपर्टी के 150 केस चल रहे हैं। वक्फ ट्रिब्यूनल रोहतक में बनाया गया है। जिला सत्र न्यायाधीश इसके चेयरमैन होते हैं और अतिरिक्त उपायुक्त सदस्य होते हैं। इनके सामने केस रखे जाते हैं। ट्रिब्यूनल के फैसले पर आगे भी केस कर दिए जाते हैं।
एक्ट के प्रारुप का हर किसी को इंतजार
एडवोकेट इरफान अली ने बताया कि वक्फ बोर्ड कानून में संशोधन करना सराहनीय फैसला है। इससे समुदाय के लोगों में खुशी है। इससे उनको अधिकार मिलने और मजबूत होने की उम्मीद बढ़ गई है। इसका प्रारुप अब तक नहीं मिला है। इसके बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकता है।
वर्जन :
वक्फ बोर्ड की पानीपत में करीब 586 प्रॉपर्टी हैं। इनमें अलग-अलग कैटेगरी की प्रॉपर्टी हैं। इनसे करीब 50 लाख की आमदन है। करीब 150 केस अलग-अलग कोर्ट में चल रहे हैं। वक्फ बोर्ड के सुधार का बिल ऑन रिकॉर्ड आने पर ही इसके बारे में कुछ कहा जा सकता है।
मयूनीद्दीन, ईओ, हरियाणा वक्फ बोर्ड