मतलौडा। न्यू मुद्रा गुजरात से पानीपत रिफाइनरी तक बिछाई जाने वाली इंडियन ऑयल की तेल पाइपलाइन का किसान विरोध कर रहे हैं। इस संबंध में 13 गांव के किसानाें की एक महापंचायत भालसी गांव में भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के बैनर तले हुई। इसमें किसानों ने अपनी जमीन का उचित मुआवजा न मिलने पर नाराजगी जताई और आगामी रणनीति पर विचार विमर्श किया।
भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष सितेंद्र लौहचब ने बताया कि हरियाणा के चरखी दादरी, भिवानी, रोहतक, सोनीपत, पानीपत के जिलों के 80 गांवों के किसानों पर इंडियन ऑयल, पुलिस प्रशासन के माध्यम से दबाव बना रहा है। इन गावों में किसानों ने इंडियन ऑयल की पेट्रोल लाइन का काम बंद करा दिया है। छह अगस्त से सोनीपत के गोहाना के कोहला गांव के किसान अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की इस समस्या का समाधान किया जाए। किसानों ने कहा अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो इसका नुकसान सरकार को विधानसभा चुनाव में उठाना पड़ेगा। इस मौके पर राजेंद्र सिंह, धर्मवीर नैन, मनीष, उदय, जसवीर व जगदीप सिंह मौजूद रहे।