पानीपत। जमैका देश में आयोजित मारियो मोनिज पेरैरा मीटिंग गेम्स में पानीपत के उग्राखेड़ी गांव के विक्रांत मलिक में अपना परचम लहराया है। विक्रांत जैवलिन के फाइनल इवेंट में 80.30 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता है। दूसरे नंबर में एक्वाडोर देश के जोस एसकोबर रहे। जोस एसकोबर ने 70.17 मीटर का थ्रो कर रजत पदक जीता।
भारत के साहिल सिलवाल 68.11 मीटर थ्रो के साथ पांचवे स्थान पर रहे। गोल्ड मेडल जीतने पर उग्राखेड़ी गांव में जश्न का माहौल है। विक्रांत ने पिछले साल ही नेशनल जैवलिन प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था। विक्रांत ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा की राह पर है।
विक्रांत मलिक ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा को अपना आदर्श मानते हैं। विक्रांत मलिक के पिता राजेंद्र सेना से नायक सुबेदार के पद से रिटायर हैं। वह अपने समय पर राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती व वाॅलीबॉल में मेडल जीत चुके हैं। राजेंद्र मलिक ही बेटे विक्रांत के कोच हैं। राजेंद्र मलिक ने बताया कि विक्रांत पिछले सात साल से जी तोड़ मेहनत कर रहा है। गांव के स्टेडियम में प्रतिदिन पांच पांच घंटे अभ्यास करता है। अनुशासन से विक्रांत सफलता की सीढि़यां चढ़ रहा है। विक्रांत का सपना ओलंपिक में देश को मेडल दिलाना है। इसके अनुसार ही विक्रांत मेहनत कर रहा है। विक्रांत का बेस्ट थ्रो 82 मीटर है। विक्रांत भी नीरज चोपड़ा की राह है। उम्मीद है कि आने वाले समय पर विश्व भर में व्रिकांत देश का नाम रोशन करेगा। दक्षिण अफ्रीका के जमैका देश में आयोजित मारियो मोनिज पेरैरा मीटिंग गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है।