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बिजली निगम में चल रहा लाखों रुपये के तार और स्क्रैप चोरी का खेल, वायरल वीडियो से भंडाफोड़

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बिजली निगम के स्टोर से गाड़ी में बिजली के तारों का बंडल बाहर ले जाने के वीडियो का स्क्रीन शॉट - फोटो : panipat
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उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम पानीपत के गोहाना कार्यालय के स्टोर से कड़ी सुरक्षा के बावजूद लाखों रुपये की बिजली की तार और स्क्रैप चोरी करने का खेल चल रहा है। इस धांधली का भंडाफोड़ तब हुआ, जब 11 मई 2019 को बनाई गई एक वीडियो सप्ताह भर पहले वायरल हो गई। जिसमें स्टोर से तार चोरी कर ले जाते हुए एक गाड़ी से पूछताछ की जा रही है। इन वीडियो के बाहर आने के बाद से बिजली निगम में हड़कंप मचा है। स्टोर में तैनात कर्मचारी सहित अधिकारी तक यह साबित नहीं कर पा रहे है कि वीडियो गलत और स्टोर से तार एवं स्क्रैप चोरी नहीं हो रहा है। हालांकि कि अभी तक यह अभी तक सामने नहीं आया कि वीडियो किसने बनाई और वीडियो में स्टोर से तार को चोरी कर ले जाते वक्त पूछताछ कौन कर रहा है।
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यह दिखा वीडियो में
वायरल वीडियो 11 मई की है। इसमें एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी स्टोर के मेन गेट के पास खड़ी है, जिसमें कंडक्टर ड्रम यानी बिजली के तारें भरी हैं। ड्राइवर से पूछने पर सिर्फ इतना ही बताया जाता है कि यह गाड़ी करनाल के जेई ने मंगवाई है। इसके अलावा ड्राइवर कोई जानकारी नहीं दे पाया। इसके अलावा दूसरी गाड़ी बिजली निगम के जीएम के निगम दौरे के एक दिन पहले 29 जून को निकाली गई थी। इसमें भी बिजली की तारें व स्क्रैप भरा हुआ था।
इतनी जांच प्रक्रिया के बार ही स्टोर में आता या बाहर जाता है सामान
स्टोर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, इनका हर समय काम करना अनिवार्य है। कोई भी सामान स्टोर में आने या जाने पर उसकी गेट पर एंट्री होती है। वहीं इसका ऑनलाइन रिकार्ड भी चढ़ाया जाता है। सामान लेनदेन में अधिकारी स्वयं सामान चेक कर चालान बनाते हैं। इसके लिए मैनुअल और ऑनलाइन दोनों चालान बनाए जाते हैं। जिसमें सामान व गाड़ी तक की पूरी जानकारी होती है। स्टोर से निकलने के बाद मुख्य गेट पर सामान की चेकिंग व गेट पास तक चेक किया जाता है। वहां पर भी एंट्री के बाद ही गाड़ी को निकाला जाता है।
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बिजली निगम के पास 11 मई की एंट्री या एग्जिट का अभी तक कोई रिकार्ड नहीं
एक सप्ताह से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, लेकिन अभी तक स्टोर से माल की एंट्री या एग्जिट का 11 मई का कोई भी बिजली निगम जुटा नहीं पाया है। यह हालात तब हैं जबकि बिजली निगम के एक्सईएन ने वीडियो सामने आने के बाद अधीनस्थ अधिकारियों से रिकार्ड मांगा। इन गाड़ियों का अधिकारियों के पास ऑनलाइन चालान, ऑफलाइन चालान, गेट पास, एंट्री या सीसीटीवी की फुटेज तक कुछ भी अभी तक उपलब्ध नहीं है। जिस गाड़ी में वीडियो में माल बाहर जा रहा है, उसका गांड़ी नंबर मिलने जाने के बावजूद भी निगम अधिकारी और कर्मचारी पूरे मामले में माल चोरी नहीं होने का कोई भी सबूत नहीं दे पाए हैं।
दो साल पहले भी हो चुका है 65 लाख का गोलमाल-
करीब दो साल पहले इसी स्टोर से करीब 65 लाख रुपये की तारों और अन्य सामान को गोलमाल करने का मामला हो चुका है। जिसकी जांच पड़ताल के लिए निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई थी। जिसमें कई जेई एसडीओ और एक्सईएन को शामिल किया गया था। जांच में दोषी पाए जाने वालों को चार्जशीट किया गया व उनके उपर हर्जाने के तौर पर 50 लाख रुपये से ज्यादा की रिकवरी भी डाली जा चुकी है।
मामला संज्ञान में आते ही अधीनस्थ कर्मचारियों को दस्तावेज उपलब्ध करवाने की बात कही गई थी। अब इस मामले की जांच मैं स्वयं करूंगा। सभी प्रकार के पूरे दस्तोवज जांच जाएंगे। सीसीटीवी चैक किया जाएगा। ऑनलाइन, ऑफलाइन चालान से लेकर गेट पास व एंट्री तक चेक की जाएगी। अगर धांधली मिली तो इस प्रकरण में संबंधित सभी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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- एसके मक्कड़, एक्सईएन, स्टोर, बिजली निगम।
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