पानीपत। जाटल रोड निवासी महिला वैशाली हुरिया के शव का मंगलवार को असंध रोड पर दोनों नहरों के बीच शमशान घाट में विधिपूर्वक अंतिम संस्कार किया गया। पति नितिन हुरिया अपनी अपनी पत्नी वैशाली का शव देखकर बिलख बिलख कर रोए। उसके पौने दो साल के बेटे को भी मां वैशाली का चेहरा दिखाया गया। वैशाली के अंतिम संस्कार में काफी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। विदित है कि वैशाली कनाडा में स्टडी वीजा पर गई थी। वो ओंटारियो कैंब्रिज शहर में बिजनेंस फंडामेंटल की पढ़ाई कर रही थी। इसके साथ एक कंपनी में भी नौकरी करती थी। 16 फरवरी को वह सड़क पार कर रही थी। इसी वक्त एक तेज गति कार चालक ने उसको सीधी टक्कर मार दी। उसको स्थानीय एक अस्पताल में दाखिल कराया। वह 12 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही। उसने अगली सुबह अस्पताल में दम तोड़ दिया। पति के पास इसी सुबह चिकित्सक का फोन आया। उसने अपने कनाडा में रहने वाले रिश्तेदारों से संपर्क किया। वे टोरेंटो शहर में शव ले गए थे। नितिन हुरिया व वैशाली की शादी 15 मार्च 2021 को हुई थी। वैशाली से उसको पौने दो साल का एक बेटा है।वैशाली चार महीने पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गई थी।
एमपी के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार से हुआ संपर्क
परिजनों ने वैशाली का शव अपने शहर पानीपत में लाने के लिए सांसद संजय भाटिया से गुहार लगाई थी। जिनके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार से भी अपील की थी। नौ दिन के प्रयास के बाद परिजन वैशाली के शव को भारत लाने में सफल हुए। वैशाली के पति नीतिन हुरिया ने बताया कि अब तक आरोपी कार चालक पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है। अब तक आरोपी का पता भी नहीं चला है। जिस कार की चपेट में आने से वैशाली की मौत हुई है उसकी रफ्तार बहुत ज्यादा थी जबकि नियमानुसार वहां गति 50 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक नहीं होनी चाहिए।
जिस समय मिली खबर, पति वीजा लगवाने की तैयारी कर रहा था
नितिन हुरिया ने बताया कि वह सेक्टर-11 स्थित एसडीवीएम स्कूल में डांस टीचर है। उसके पास पौने दो साल का एक बेटा है। वैशाली के कनाडा जाने के बाद वह भी अपने बेटे के साथ कनाडा जाने की तैयारी में था। वह शनिवार सुबह वीजा के लिए आवेदन करने की तैयारी में था।
इसी वक्त उसके पास वैशाली के सड़क हादसे में घायल होने की सूचना आई। उसने बताया कि उसने रुपये जोड़कर अपनी पत्नी को कनाडा पढ़ाई करने भेजा। उन्होंने अपने भविष्य के लिए सपने संजोए रखे थे। एक झटके में सारे सपने चूर हो गए। उन्होंने वैशाली से 15 फरवरी की शाम को ही फोन पर बात की थी और 15 मार्च को कनाडा में सालगिरह मनाने की तैयारी कर रहे थे।