पानीपत। सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मेडिकल कराने पहुंची मारपीट में घायल गर्भवती और उसके परिजनों ने अस्पताल कर्मचारी पर थप्पड़ मारने की धमकी देने और बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हंगामा बढ़ता देख इमरजेंसी के डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर उन्हें शांत कराया। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड में एक घंटे तक सेवाएं प्रभावित रहीं। गर्भवती के परिजनों ने आरोपी कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग की।
वार्ड-11 निवासी रुखसाना ने बताया कि उनकी बहू नगमा के साथ सोमवार को सुबह पड़ोसियों ने मारपीट की थी। बहू सात माह की गर्भवती है। पड़ोसियों ने उसके पेट पर लात मारी। इससे नगमा बेहोश होकर जमीन पर गिर गई थी। वे लोग उसे सिविल अस्पताल में इलाज के लिए लाए थे। यहां डॉक्टर ने उन्हें एमएलआर के लिए पर्ची बनवाने को कहा। उसकी बहू दर्द से कराह रही थी। वह पर्ची काउंटर के पास खड़ी हो गई। उसने यहां बैठी कर्मचारी से जल्दी पर्ची काटने को कहा तो बदसलूकी की गई। बहू ने अपने दर्द का हवाला देकर जल्द पर्ची बनाने को कहा तो उस कर्मचारी ने नगमा को थप्पड़ मारने की धमकी दी और उसको हाथ में पकड़े कागजों से मारने का प्रयास भी किया। उन्होंने इसका विरोध किया तो कर्मचारी और भड़क गई। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड में एक घंटे तक हंगामा चला। डॉक्टरों ने उन्हें समझाया और आरोपी कर्मचारी के खिलाफ लिखित में शिकायत मांगी।
अभी उनको इस मामले की शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिली तो कार्रवाई करेंगे। मरीजों के साथ बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल