पानीपत। किसान भवन की चौधर को लेकर किसान नेताओं में जंग तेज हो गई है। अप्रैल से चला आ रहा प्रधानी का विवाद अब तक शांंत नहीं हुआ है। सोनू मालपुरिया व दूसरे गुट में बुधवार को किसान भवन में जमकर हंगामा हुआ। मालपुरिया अपने करीबी जगपाल रावल को प्रधान बनाने पर अड़े हैं। वह 28 जुलाई को उन्हें भाकियू का प्रधान घोषित कर चुके हैं, जबकि दूसरा गुट उन्हें प्रधान मानने से इनकार कर रहा है। दूसरे गुट ने अप्रैल में टिंकू देशवाल को भाकियू का जिला प्रधान नियुक्त किया था। इसका मालपुरिया गुट विरोध कर रहा है। दोनों गुट एक दूसरे को प्रधान मानने को तैयार नहीं हैं।
बुधवार दोपहर 12 बजे सोनू मालपुरिया अपने गुट के साथ किसान भवन पहुंचे। यहां पहले से मंगलवार को चुने गए प्रधान सूरजभान के समर्थक मौजूद थे। दोनों पक्षों में जमकर बहसबाजी और धक्कामुक्की हुई। मालपुरिया का आरोप है कि सूरजभान भाजपा के नेता हैं। भाजपा किसान भवन पर कब्जा करना और किसानों की आवाज दबाना चाहती है। वह किसी सूरत में उन्हें इसमें कामयाब नहीं होने देंगे। वहीं दूसरी ओर सूरजभान का आरोप है कि सोनू मालपुरिया आपराधिक प्रवृति के व्यक्ति हैं। वह किसान भवन की आड़ में मादक पदार्थ तस्करी का काम करते हैं। वह इसे सहन नहीं करेंगे। उनके गुर्गों को पुलिस को पकड़वाया जाएगा। मुझे किसानों ने जिला प्रधान चुना है।
किसान यूनियन के पूर्व प्रधान सोनू मालपुरिया ने अप्रैल में खुद को पांच साल के लिए किसान यूनियन का जिला प्रधान घोषित कर दिया था। इसका किसान यूनियन (चढ़ूनी गुट) ने जमकर विरोध किया था। इसके बाद किसान भवन में हुई बैठक में मालपुरिया का कार्यकाल बढ़ाने से इनकार कर दिया था। यहां बैठक में टिंकू देशवाल को प्रधान घोषित कर दिया था। सोनू मालपुरिया ने दो अगस्त को अपना कार्यभार सौंपने का आश्वासन दिया था। इसके बाद सोनू मालपुरिया ने 28 जुलाई को बैठक कर अपने गुट के जगपाल रावल को प्रधान घोषित कर दिया। इसके खिलाफ तीन अगस्त को किसान भवन में दूसरे गुट ने बैठक बुलाई और टिंकू देशवाल को प्रधान घोषित कर दिया गया। सोनू मालपुरिया गुट ने उन्हें प्रधान मानने से इंकार कर दिया। मंगलवार को टिंकू देशवाल ने निजी कारणों से प्रधानी छोड़ दी और अपना कार्यभार सूरजभान को सौंप कर उन्हें प्रधान घोषित कर दिया गया। अब सोनू मालपुरिया गुट उन्हें प्रधान मानने से इंकार करते हुए जगपाल को ही प्रधान बता रहा है।
यह पूरा षडयंत्र भाजपा ने रचा है। यहां सूरजभान गुट गुंडागर्दी कर रहा है। बुजुर्गों किसानों को धक्के मारे जा रहे हैं। उनकी गाड़ी की हवा तक निकाल दी गई। यहां ताले जड़े जा रहे हैं। इस गुंडागर्दी को चलने नहीं दिया जाएगा। पूरे जिले के किसानों की बैठक बुलाई जाएगी।
- सोनू मालपुरिया, पूर्व प्रधान किसान यूनियन
किसानों ने मुझे चुना है मुझे प्रधान : सूरजभान
मुझे किसानों ने जिला प्रधान चुना है। मैं ही भाकियू का प्रधान हूं। सोनू मालपुरिया किसान भवन पर कब्जा करना चाहते हैं। किसान इसे सहन नहीं करेंगे।
- सूरजभान, प्रधान भाकियू