पानीपत। शहरी स्थानीय निकाय की ओर से एनडीसी पोर्टल पर फिर से एक अपडेट हुआ है। इस अपडेट में संपत्ति मालिकों के प्रॉपर्टी टैक्स में दिए गए मोबाइल नंबर छुपा दिए गए हैं। इनमें सिर्फ आगे पीछे के कुछ अक्षर ही स्पष्ट हैं। बाकी पर क्रॉस का निशान लगा दिया गया है। अफसरों का मानना है कि यह अपडेट संपत्ति मालिक के असल मोबाइल नंबर की पहचान छुपाने के लिए किया गया होगा ताकि उसका कोई दुरुपयोग न कर सके, लेकिन अब खुद मालिक तक अपनी संपत्ति पर अपना मोबाइल नंबर नहीं दे पा रहे हैं। अब इस मोबाइल नंबर को बदलने के लिए फिर से ऑब्जेक्शन लगाना होगा, जिसके बाद बदले गए मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा।
दूसरी ओर अब तक निगम न तो याशी के नए सर्वे को लागू कर पा रहा है और न ही पुराने जीआईएस के सर्वे पर नई प्रॉपर्टी आईडी बनाने का काम कर रहा है। इससे शहरवासियों को निगम कार्यालय के चक्कर काटने के बाद भी लाभ नहीं मिल सका है। वहीं, अब तक सरकार की घोषणा के बाद भी सब डिवीजन पॉलिसी लागू नहीं हो सकी है। अफसरों का कहना है कि वे इस पॉलिसी को नए सर्वे पर ही लागू करेंगे। नए सर्वे को लागू करने के लिए याशी को वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट देना होगा। इससे एजेंसी को करोड़ों रुपये का भुगतान मिलेगा और निगम नए सर्वे को निकाय के हवाले से पोर्टल पर अपलोड कर सकेगा। इस बार में नगर निगम उप निगम आयुक्त का कहना है कि पोर्टल पर सभी अपडेट निकाय की ओर से होते हैं। निगम स्तर की इसमें कोई दखलंदाजी नहीं होती।