पानीपत। फैक्टरी को तोड़ती जेसीबी
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पानीपत। उग्राखेड़ी गांव के समीप पीर वाली गली में सवा एकड़ रकबे में बनी अवैध फैक्टरी और गोदाम शनिवार को प्रशासन ने तुड़वा दिया। पुलिस के अनुसार यह प्रॉपर्टी बदमाश मनोज उर्फ बाबा की है। विरोध की आशंका पर सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कराई। कार्रवाई की सूचना मिलते ही मनोज के भाई संजय बाबा मौके पर पहुंचे और कार्रवाई को गलत बताया। उनका कहना था कि डीटीपी ने बिना नोटिस दिए बिल्डिंग तुड़वाई है, जबकि डीटीपी का कहना है कि उनकी तरफ से दो बार नोटिस दिए जा चुके हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाखुश ग्रामीणों की ओर से रविवार को 12 गांवों की पंचायत बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि पंचायत में सभी तथ्य रखे जाएंगे। उसके बाद आगामी फैसला लेंगे।
डीटीपी धीरेंद्र कुमभार ने बताया कि उक्त जमीन पर 15 हजार के इनामी बदमाश मनोज उर्फ बाबा, उसके बड़े भाई दिलबाग और जगपाल मलिक ने मिलकर खेतीबाड़ी वाली जमीन पर अवैध निर्माण कर फैक्टरी और गोदाम बनाए हैं। इसके चलते उनकी तरफ से वर्ष 2018 में दो बार नोटिस दिए गए थे। इसमें पहला नोटिस शोकॉज और दूसरा अवैध निर्माण हटाने बारे थे। दोनों नोटिस रिसीव किए गए, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके चलते उन्होंने जमीन पर कार्रवाई का फैसला किया। विरोध होने की आशंका पर उन्होंने प्रशासन की तरफ से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त एक्सईएन सुंदर श्योराण को नियुक्त किया गया। दल-बल के साथ वह मौके पर पहुंचे और कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान डीएसपी प्रदीप कुमार और चांदनीबाग थाना प्रभारी महिपाल सिंह भी पहुंचे। पुलिस फोर्स देख स्थानीय लोगों ने संजय बाबा को फोन कर सूचना दी। संजय बाबा ने मौके पर पहुंचकर अचानक कार्रवाई के बारे में पूछा। उन्होंने कार्रवाई रोकने की मांग की और कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए, लेकिन डीटीपी ने सुनवाई नहीं की और चार हिस्सों में बनी फैक्टरी और गोदाम पर पीला पंजा चलाकर ध्वस्त करा दिया।