पानीपत। उझा रोड के बीच की अधूरी निर्माणाधीन करीब 500 मीटर सड़क का विवाद अब सुलझ गया है। जिसके बाद अब निगम यहां 20.71 लाख रुपये से टाइलें बिछाएगा। जिससे इस रोड से जुड़ी नौ कॉलोनियों और तीन गांव के करीब दस हजार लोगों को लाभ होगा।
उल्लेखनीय है कि इस रास्ते पर काफी लंबे समय से एक फैक्टरी मालिक और निगम के बीच विवाद चला। बाद में मामला कोर्ट तक जा पहुंचा। करीब तीन साल तक मामला अटका रहा और सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। अब यह विवाद आपसी सहमति से सुलझ गया है। वार्ड पार्षद शिव कुमार शर्मा ने बताया कि उझा रोड सड़क को नया बनाने समेत इसमें सीवर व पीने की पाइप लाइन बिछाने का काम अमरूरत योजना के अंतर्गत चलाया जा रहा था। करीब तीन साल पहले जब इस सड़क का लेवल नीचा किया जाने लगा, तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया।
निगम के खिलाफ जब लोग एकजुट हुए तो लोगों ने पहले वाले लेवल पर ही सड़क को बनवाने की सिफारिश की। इसे लेकर सैंकड़ों लोगों ने निगम को अपने हस्ताक्षर कर ज्ञापन भी सौंपा। इसके बाद फिर से काम चालू हुआ, तो एक फैक्ट्री मालिक ने इस पर कोर्ट से स्टे आर्डर ले लिया और निर्माण कार्य फिर से वहीं रूक गया। गौरतलब है कि स्थानीय लोग चाहते थे कि सड़क उसी लेवल पर बने जिस लेवल पर पहले बनी थी। इस लेवल के हिसाब से एक फैक्ट्री सड़क के लेवल से नीचे आ जाती है। दूसरी ओर फैक्ट्री मालिक चाहते हैं कि सड़क पहले वाले लेवल से नीचे आ जाए ताकि उनकी फैक्ट्री सड़क से नीचे न जा सके और लेवल पर रहे। अगर सड़क नीचे गई तो सड़क पर बनी दुकानें व घर सड़क के लेवल से कई-कई फीट उपर उठ जाएंगे।
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कई साल कोर्ट के काटे चक्कर, पंचायत कर सुलझाया मामला : पार्षद
इस सड़क का मामला कोर्ट तक चला गया था। जिसके बाद कॉलोनी वासियों, फैक्टरी मालिक के साथ पंचायती तौर पर सड़क का विवाद सुलझा लिया गया है। अब निगम यहां सड़क बनाएगा। जिससे आसपास के सभी लोगों को फायदा मिलेगा।
वर्जन:
कार्य के लिए लगाया टेंडर
नगर निगम इस सड़क का बचा हुआ काम पूरा कराएगा। इसके लिए टेंडर लगा दिया गया है।
प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम।