हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर भारतीय मजदूर संघ व रोडवेज की सभी कर्मचारी यूनियन के सदस्यों ने कर्मचारी मांगों लेकर दो घंटे तक काम छोड़कर गेट प्रदर्शन किया तथा सरकार को श्रम कानून व नए ट्रांसपोर्ट बिल को वापस लेने की मांग की।
तालमेल कमेटी के प्रदेश उप महासचिव रणबीर शर्मा ने कहा कि सरकार श्रम कानून में सुधार के नाम पर श्रमिकों व कर्मचारियों का शोषण करने का प्रयास कर रही है। यह कर्मचारी यूनियन किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी। सरकार ने यदि समय रहते यूनियन की मांगें नहीं मानी तो यूनियन दो सितंबर को अपने हकों के लिए चक्का जाम कर आरपार की लड़ाई लड़ेगी।
प्रदेश कैशियर राजपाल गाहल्याण ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां कर्मचारी व जनता विरोधी हैं। मंच संचालक महावीर देशवाल ने कहा कि सरकार प्राइवेट पार्टनरशिप के नाम पर सरकारी विभागों को निजी हाथों में सौंपना चाहती है।
रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान बलवान बूरा व डिपो प्रधान जमनादास ने कहा कि रोडवेज सेवा को जन जन तक पहुंचाने के लिए सरकार को सबसे पहले उसकी कमियों को दूर करना चाहिए। सरकारी खाली पदों केे भरे तथा खाली रूटों पर बसें चलवाए। रोडवेज के बेड़े में 800 नई बसें व करीब छह हजार कर्मचारियों की भर्ती की जाए।
इस मौके पर सुरेश अहलावत, सतीश पवार, दिनेश मलिक, बलविंद्र विर्क, तेजबीर फोजी, सुरेंद्र मलिक, राकेश कुमार, पवन, जसबीर, मलतान, सुल्तान सिंह व सुमेर सिंह मौजूद रहे।