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ग्राखेड़ी स्टेडियम में आठ महीनें से नहीं कर पा रहे खिलाड़ी अभ्यास,गांव के 200 खिलाड़ी नाराज

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नीरज गिरी
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पानीपत। जिस स्टेडियम में दिन रात मेहनत करके खिलाड़ियों ने सैकड़ों मेडल गांव के नाम किए आज उसी स्टेडियम की हालत खस्ता हो गई है। स्टेडियम में आठ महीने पहले लाल मिट्टी की जगह रेतीली मिट्टी डाल दी गई थी, जिसकी वजह से रोजाना खिलाड़ी चोटिल हो रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने जब गांव में जाकर पड़ताल की तो खिलाड़ियों के प्रैक्टिस करने के लिए किसी भी ग्राउंड की स्थिति ठीक नहीं थी।
एथलिट ट्रैक पर रोजाना हो रहे खिलाड़ी चोटिल
मैदान सही ना होने के कारण खिलाड़ी सही से अभ्यास नहीं कर पाते। ट्रैक पर घास व गड्ढे हैं, जिस कारण खिलाड़ी चोटिल भी हो रहे हैं। मजबूरन खिलाड़ियों को अभ्यास छोड़ना पड़ रहा है।
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नेशनल खिलाड़ियों का कहना
जैवलिन थ्रो के नेशनल मेडलिस्ट खिलाड़ी विक्रांत मलिक का कहना है कि वह लॉकडाउन के बाद से ही अपने गांव में है, लेकिन ग्राउंड की हालत खराब होने के कारण कई महीने से अभ्यास नहीं कर पा रहे है। स्टेडियम में घास होने के कारण हमेशा बेसहारा गाय होती है।
ग्राउंड में पानी तक की सुविधा नहीं है
वॉलीबाल के नेशनल खिलाड़ी अमन मलिक का कहना है कि पूरे स्टेडियम में पानी तक की सुविधा नहीं है। स्टेडियम में कहने को तो एक सबमर्सिबल लगा है जो कभी-कभी चलता है।
दिल्ली से आने के बाद अभ्यास पर लगा विराम
हैंडबॉल की खिलाड़ी अन्नु मलिक लॉकडाउन से पहले दिल्ली में अभ्यास करती थी व दिल्ली में खेल में मैडल लाकर अपने गांव का नाम रोशन करती रहती है। अन्नु का कहना है कि वह लॉकडाउन के कारण अपने गांव में वापस आ गई है और गांव में आने के कारण उनका अभ्यास पूरी तरह से रुक गया।
ग्राउंड का कोई गार्जियन नहीं, सामान हो रहा चोरी
वॉलीबाल के खिलाड़ी अभिषेक मलिक का कहना है कि वह अपने गांव में सात महीने से अभ्यास नहीं कर पा रहे है। स्टेडियम में गार्जियन ना होने के कारण रोजाना स्टेडियम से सामान चोरी होता है।
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सरपंच ने कहा खुद पैसे जमाकर के ठीक करालो
हैंडबाल के नेशनल खिलाड़ी अमन मलिक ने जब सरपंच को ठीक कराने के लिए कहा तो सरपंच ने कहा सरकार की तरह से स्पोर्ट्स की कोई भी ग्रांट पास नहीं हो रही है। तुम सभी खिलाड़ी ही पैसे इकट्ठे करके अपने गांव के स्टेडियम को ठीक करालो।
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