अमर उजाला ब्यूरो।
पानीपत। आरक्षण की मांग को लेकर उग्रा खेड़ी में अनिश्चितकालीन धरना दे रहे जाट समुदाय के लोगों के लिए शुक्रवार का दिन राहत भरा रहा। धरने के छठे दिन प्रशासन ने समिति को उग्रा खेड़ी में ही धरने की अनुमति दे दी। हालांकि, समाज के लोगों को चौपाल के पास ही धरना देना होगा। उनको परमिशन के साथ शर्तों का पुलिंदा भी थमा दिया गया है। इन सबके बीच समिति के शामली यूपी प्रधान शैलेंद्र छिक्कारा ने धरनास्थल पर आकर यूपी के माहौल के बारे में बताया। छठे दिन धरने को कवी के साथ बुआना लाखू के ग्रामीणों ने भी समर्थन दिया। इस दौरान डीसी और एसपी ने गांव का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था देखी।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर उग्रा खेड़ी में जाटों के अनिश्चितकालीन धरने में गांव कवी और मतलौडा से जाट समाज के लोगों के पहुंचे। इसके साथ ही बबैल, बुड़शाम, नारा, भालसी, निंबरी, डाहर, करहंस, मच्छरौली, मांडी, बिंझौल, सींक, पाथरी, बाल जाटान, लाखू बुआना, राजा खेड़ी, जौरासी गांव से भी लोग धरने में शामिल हुए। संघर्ष समिति शामली के प्रधान शैलेंद्र छिक्कारा ने भी धरने को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को जाटों को आरक्षण और उनकी मांगें न मानने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। दावा किया कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा शामली से हारनी शुरू होगी। इसके बाद यूपी के हर जिले में हारती दिखेगी। उन्होंने कहा कि संघर्ष के समय सभी को एकजुट होना होगा। आरक्षण के लिए हर कुर्बानी देने के लिए तैयार रहना होगा। संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र मलिक ने कहा कि आरक्षण के दौरान मारे गए लोगों की कुर्बानी को नहीं भूलना चाहिए। कांग्रेस, इनेलो और अन्य पार्टियों का उन्हें समर्थन मिल रहा है। समर्थन के तहत उन्हें धरने में बैठना पड़ेगा।
पांच टीम बनाकर संपर्क अभियान तेज किया
जनसंपर्क के लिए संघर्ष समिति ने पांच टीमें हैं। ये उग्रा खेड़ी के आसपास के गांवों में घर-घर जाकर धरने में आने के लिए लोगों को जागरूक कर रही हैं। शुक्रवार को एक टीम गांव रिसालू पहुंची। समिति के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चतुर्भुुज बुड़शाम ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही कोई कदम नहीं उठाया गया तो 3-4 दिन में इसराना और नौल्था के बीच में कहीं भी धरना शुरू कर दिया जाएगा। चंदा कमेटी के अध्यक्ष रामचंद्र डाहर ने कहा कि सरकार को झुकाना है तो सभी को आगे आना होगा। समाजसेवी दीपक खटखड़, जसबीर मतलौडा और पूर्व सरपंच कृष्ण ने 21-21 सौ रुपये चंदे के रूप में दिए। इस अवसर पर संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप सिंह दहिया, जिला अध्यक्ष सतबीर देशवाल, सुरेश, विकास दलाल, सुनील, ओमवीर, विश्वपाल मलिक, उग्रा खेड़ी से निशान सिंह, हरपाल मलिक आदि मौजूद रहे।
डीस, एसपी ने देखी व्यवस्था
डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे और एसपी राहुल शर्मा शुक्रवार शाम को उग्रा खेड़ी पहुंचे। उन्होंने यहां सुरक्षा और व्यवस्था देखी। यहां पहले से ही एसडीएम विवेक चौधरी, डीएसपी मुख्यालय जगदीप दूहन, तहसीलदार जिवेंद्र मलिक मौजूद थे। बताया जा रहा है कि धरनारत लोगों की संख्या बढ़ने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई जा रही है। धरनास्थल के आसपास 200 से 250 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
परमिशन के साथ थमा दिया शर्ताें का पुलिंदा
प्रशासन ने जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों को गांव उग्रा खेड़ी की चौपाल में ही धरने की परमिशन दी है। प्रशासन ने इसके साथ ही डेढ़ दर्जन के करीब शर्ताें की लिस्ट भी सदस्यों के हाथों में थमा दी। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए स्पष्ट कहा है कि धरने के समय यदि किसी व्यक्ति ने तोड़फोड की या कानून व्यवस्था भंग की गई तो इसका जिम्मेदार स्वयं संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ गांव उग्रा खेड़ी के मुख्य व्यक्ति होंगे। इनमें मास्टर हरपाल, निशान सिंह, यशपाल, देवेंद्र, धर्मबीर और बृजपाल उर्फ बिंटू मलिक शामिल हैं। अनुमति में धरने का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। समिति के सदस्य सड़क पर किसी प्रकार का कोई बैनर, फ्लैक्स या आमंत्रण गेट नहीं लगाएंगे। प्रशासन की अनुमति पूर्णत: अस्थायी है। यदि आयोजकों ने सरकार के नियमों या शर्ताें की अवहेलना की है तो अस्थायी अनुमति को बिना नोटिस के रद्द कर दिया जाएगा। उपायुक्त के आदेशानुसार उपमंडल अधिकारी से जाट आंदोलन संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव द्वारा लाउड स्पीकर की अनुमति मांगी थी। यह दे दी गई है। प्रशासन ने इसके साथ ही हिदायतों की सूची भी आवेदक को थमा दी है।
सवा तीन फुट के इल्लू ने बांधा समां
गांव उग्रा खेड़ी के 17 वर्षीय आजाद शर्मा उर्फ इल्लू गांव के ही निजी स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र है। इल्लू पांच भाई-बहन हैं। इनमें से सिर्फ उसी का कद छोटा है। वह दोपहर के 1.48 बजे जब धरना स्थल पर पहुंचे। इल्लू ने पहले तो युवा पीढ़ी को भी जाट समाज का सहयोग करने की प्रार्थना की। बाद में सभी बुजुर्गों से आशीर्वाद भी लिया। गरीब परिवार से संबंध रखने वाले इल्लू ने कहा कि उनके परिवार की तरफ से जाट समाज को पूरा समर्थन है।
सेवा में नहीं रहेगी कोई कमी
उग्रा खेड़ी के हरपाल मलिक ने कहा कि धरने में शामिल होने वालों की पूरी सेवा होगी। उग्रा खेड़ी की तरफ से चाय व खानपान की पूरी व्यवस्था की गई है। गांव के युवाओं की तरफ से पूरा सहयोग भी किया जा रहा है।
जिम्मेदारी तय करने पर भड़के ग्रामीण
प्रशासन के पांच मुख्य लोगों नाम पर धरने की अनुमति देने पर ग्रामीण भड़क गए हैं। पूर्व सरपंच बृजपाल और बिंटू मलिक ने कहा कि समिति ने धरने की अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने पांच ग्रामीणों को चिह्नित कर दिया। प्रशासन को उग्रा खेड़ी को छोड़कर बाकी जिले पर भी ध्यान देना चाहिए।
वर्जन
उग्रा खेड़ी गांव में जाटों को धरने और लाउड स्पीकर की अनुमति अस्थायी रूप से दी है। लोगों से शांतिपूर्वक तरीके से धरना देने की अपील की है। लोग कानून व्यवस्था को बनाए रखें। समिति के सदस्यों से भी अपील की है कि धरने में कोई भी व्यक्ति हथियार, चाकू, लाठी, डंर्डा, इंट, पत्थर या ज्वलनशील पदार्थ न लेकर आए।
विवेक चौधरी, एसडीएम पानीपत।