पानीपत। हरियाणा रोडवेज का पानीपत डिपो करीब दो साल से ई-टिकट मशीनों से जूझ रहा है। डिपो अधिकारियों ने 25 ई-टिकट का एक प्रस्ताव बनाकर निदेशालय में भेजा था। इस पर निदेशालय ने मुहर तक लगा दी थी। बावजूद इसके ई-टिकट मशीन पानीपत रोडवेज डिपो में नहीं आ सकी हैं। परिवहन मंत्री के जिले का डिपो ही आधुनिक सुविधा के लिए तरस रहा है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि ई-टिकट मशीन आने से हरियाणा रोडवेज को प्रति माह होने वाले घाटे में कमी लाई जा सकती है।
हरियाणा रोडवेज पानीपत डिपो ने दो साल पहले 25 ई-टिकट मशीनों की मांग की थी। रोडवेज अधिकारियों ने इसके प्रस्ताव से कहा था कि इससे रोडवेज को फायदा होगा और रूट पर होने वाली पूरी कमाई राजस्व में जमा हो सकेगी। उच्च अधिकारियों ने भी इस पर सहमति जताई थी।
रिमाइंडर के बाद भी नहीं आईं
पानीपत रोडवेज अधिकारियों ने मशीन मंगवाने के लिए बार-बार रिमांइडर भेजे हैं। इसके बाद भी उच्च अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है। हरियाणा के कई डिपो में ई-टिकट मशीन सेवा शुरू हो चुकी है। इससे फायदा भी हो रहा है। दूसरी ओर बसों की संख्या कम होने से भी डिपो को घाटा हो रहा है।
ई-टिकट मशीन आने से रोडवेज को होगा फायदा
पानीपत रोडवेज डिपो में ई-टिकट मशीन आने से फायदा होगा। मशीन आने के बाद सामान्य टिकट के स्थान पर परिचालक के हाथ में ई-टिकट होगी। मशीन आने पर बस के रूट का सारा डाटा उसमें फीड कर दिया जाएगा। इसके बाद परिचालक चाहकर भी मनमानी टिकट नहीं काट सकेंगे। दूसरी ओर हर रोज डिपो में परिचालक के खिलाफ आ रहीं शिकायतें भी कम हो जाएंगी। शिकायत सिर्फ दो या तीन रुपयों को लेकर होती है कि चालक ने टिकट के तीन रुपये अधिक लिए हैं। इससे भी निजात मिलेंगी।
मशीन आने से यात्रा हो जाएगी कैशलेस
मशीने आने के बाद रोडवेज बसें भी कैशलेस हो जाएगी। जिन यात्रियों के पास बस में सफर करते वक्त खुले पैसे नहीं होते, वे मशीन आने के बाद रुपये न होने पर भी यात्रा कर सकेंगे। रोडवेज को मिलने वाली ई-टिकट मशीनों में एटीएम भी प्रयोग किया जा सकेगा। इसका कनेक्शन सीधा डिपो के खाते से होगा।
ई-टिकटों पर होगा टाइम और डेट
मशीन से मिली टिकट पर यात्रियों को समय स्थान और डेट की पूरी जानकारी मिलेगी। टिकट पर समय और डेट होने से टिकट कटने का समय भी होगा। इससे टिकट चेकिंग करने वाले रोडवेज कर्मचारियों को पता लग जाएगा कि किस समय टिकट काटी गई है। इसके बाद परिचालक टिकट के साथ किसी तरह की गड़बड़ नहीं कर सकेंगे।
पानीपत रोडवेज डिपो से दो साल पहले ई-टिकट मशीन मंगवाने का प्रस्ताव भेजा था। यह प्रस्ताव पास होने के बाद भी मशीन नहीं आईं। कई बार डिपो ने उच्च अधिकारियों को मेल और पत्राचार से रिमाइंड भी कराया है। इसके बाद भी मशीनें नहीं आ सकी हैं।
एमएस खर्ब, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, पानीपत।