पानीपत। पानीपत रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की दोपहर दो सगी बहनों की कोच्चि वैली ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। वे रोहतक-पानीपत यात्री गाड़ी से पानीपत स्टेशन पर उतरी थीं और रेल लाइनों के बीच से स्टेशन के दूसरी तरफ जा रही थीं। वे दोनों वृद्धा गोहाना (सोनीपत) के महमूदपुर गांव में अपनी भतीजी की शादी के बाद अपनी एक और बहन के साथ पानीपत के गढ़ी सिकंदरपुर अपने गांव जा रही थी। ट्रेन की चपेट में आने से दोनों महिलाओं के शरीर क्षत विक्षत हो गए। जीआरपी ने दोनों महिलाओं के शवों को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए।
गढ़ी सिकंदरपुर गांव निवासी दीपक ने बताया कि उसकी दादी परमेश्वरी देवी (80) और उसकी दादी मौसी लक्ष्मी (78) एक अन्य मौसी कृष्णा के साथ 21 फरवरी को गोहाना के महमूदपुर गांव में अपनी भतीजी की शादी में गई थी। वे शुक्रवार सुबह रोहतक से आने वाली यात्री गाड़ी में पानीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंची थी। उनको असंध रोड की तरफ जाने के लिए रेलवे स्टेशन के बाहर आना था। परमेश्वरी देवी और लक्ष्मी दो नंबर प्लेटफार्म से एक नंबर पर आ रही थीं। उसी समय अंबाला-दिल्ली रेल लाइन पर कोच्चि वैली एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। परमेश्वरी और लक्ष्मी ट्रेन की चपेट में आ गई। तीसरी सगी बहन कृष्णा कुछ पीछे होने के चलते बच गई। वे जीआरपी की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। जीआरपी ने परिजनों के बयानों के आधार पर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को दोनों के शव सौंप दिए। जांच अधिकारी जीआरपी के सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार ने बताया कि पानीपत रेलवे स्टेशन के अंबाला की तरफ से आ रही एक एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से दो बुजुर्ग महिलाओं की मौत हो गई। दोनों सगी बहनें थी और रेलवे लाइनों को पार कर दूसरे प्लेटफार्म पर जा रही थी। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।