पानीपत। पानीपत-गोहाना रेल लाइन पर राजनगर में बहनों से भैया दूज पर तिलक कराकर घर से निकले दो भाइयों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों अपनी बहन से तिलक लगवाकर एक्टिवा पर घूमने के लिए निकले थे। छोटा भाई ट्रैक पर लघुशंका कर रहा था, इसी वक्त ट्रेन आ गई। बड़े भाई ने उसे बचाने की कोशिश की तो दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। भैया दूज पर दोनों भाइयों की मौत के बाद परिवार व राजनगर में मातम छा गया। जीआरपी ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
हादसा रविवार देर शाम को हुआ। राजनगर कॉलोनी निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि उसके दो बेटे थे और एक बेटी है। बड़े बेटे मनीष (32) की मुजफ्फरनगर में कंबल की दुकान थी। छोटा बेटा आशीष (29) सेक्टर-29 स्थित एक कंपनी में काम करता था। दोनों भाई एक-एक बेटा-बेटी के पिता थे। दोनों ने रविवार शाम को अपनी बहन साक्षी से भैया दूज पर तिलक लगवाया। वे दोनों इसके बाद स्कूटी पर सवार होकर घूमने चले गए। आशीष की उसकी पत्नी से शाम करीब साढ़े सात बजे बात हुई थी। मनीष की मां ने भी आठ बजे फोन कर घर आने के बारे में पूछा तो दोनों ने ही जल्द ही लौटने की बात कही थी। लेकिन कुछ देर बाद उनकी मौत की सूचना उन्हें मिली। वह तुरंत राजनगर में रेलवे ट्रैक पर पहुंचे। यहां दोनों भाइयों के शव ट्रैक पर पड़े थे। जीआरपी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। जीआरपी की प्राथमिक जांच में सामने आया कि आशीष रेलवे ट्रैक पर लघुशंका कर रहा था। इसी समय पानीपत-गोहाना लाइन पर एक ट्रेन आ गई। मनीष ने उसको बचाने का प्रयास किया तो दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए।
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जीआरपी पानीपत के प्रभारी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों की पानीपत-गोहाना रेल लाइन पर ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई है। चालक के अनुसार आशीष रेलवे ट्रैक पर लघुशंका कर रहा था। इसी दौरान ट्रेन आ गई। उसे बचाने के लिए मनीष दौड़ा। दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। इस मामले में ट्रेन के चालक के बयान दर्ज किए गए हैं। परिजनों के बयान के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव सौंप दिए हैं।