माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। एनडीपीएस की विशेष कोर्ट ने गांजा और डोडा पोस्त की तस्करी में दो को दोषी करार देते हुए 20-20 साल की कैद और ढाई-ढाई लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना न भरने पर दोषियों को दो-दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए हैं। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि पानीपत में अब तक एनडीपीएस एक्ट में यह सबसे बड़ी सजा है।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि छह जुलाई 2018 में सीआईए-2 की टीम में तैनात एएसआई धर्मवीर ने मतलौडा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
उनका कहना था कि वह अटावला चौक पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रहे थे। उसी समय अहर चौक की ओर से एक स्विफ्ट डिजायर कार आती दिखाई दी। कार को रोककर तलाशी ली तो उसमें दो युवक राममेहर उर्फ मेहर निवासी अटावला व सुरेंद्र उर्फ पप्पू निवासी निवासी मांडी सवार थे।
कार की डिग्गी की जांच की तो उसमें चार कट्टे मिले। जिसमें प्रत्येक कट्टे में 18-18 किग्रा गांजा पत्ती मिली।
टीम ने दोनों से 72 किग्रा गांजा और करीब 4.50 किग्रा डोडा पोस्त बरामद किया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट की अदालत में हुई। इसमें 12 गवाहों की गवाही और सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
अदालत ने गांजा तस्करी की वाणिज्यिक मात्रा की तस्करी का आरोपी मानते हुए आरोपियों को 20-20 साल के कारावास और प्रत्येक पर 2.50 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।