पानीपत। नूरवाला में सीवर की जहरीली गैस चढ़ने से सफाईकर्मी और उसको बचाने उतरे ट्रांसपोर्टर की मौत के मामले में ठेकेदार और आईएनडी कंपनी सहित नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही से दो परिवार उजड़ गए। इसमें अधिकारियों की अनदेखी भी सामने आई है।
सफाईकर्मी आईएनडी कंपनी के अंतर्गत काम करता था और सीवर अमरुत योजना के अंतर्गत दूसरी एजेंसी ने बनाया था। उसको सीवर की सफाई या कनेक्शन करने के लिए भेजने वाले नगर निगम अधिकारी हैं। अधिकारियों ने पहले हो चुके हादसों से सबक लेने के बजाय सुरक्षा उपकरण जैसे पीपी किट और ऑक्सीजन मॉस्क बिना ही काम पर भेज दिया। बचाव कार्य के दौरान पहुंची एंबुलेंस ने हादसे का दर्द दोगुना कर दिया। एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर भी नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों को समय रहते ऑक्सीजन मिल जाती तो जान बचने के कुछ प्रयास हो जाते।
इंद्रा विहार कॉलोनी निवासी ट्रांसपोर्टर रविंद्र उर्फ बिंद्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे सफाईकर्मी वार्ड-2 नूरवाला निवासी जयभगवान (35) नूरवाला के पास सीवर की सफाई करने के लिए आया। उसने जैसे ही ढक्कन खोला तो एक दम जहरीली गैस का गोला बाहर निकला, जिसके प्रभाव से जयभगवान उर्फ काला सीवर में जा गिरा और सीढि़यों में जा फंसा। उसको बचाने के लिए उसका छोटा भाई ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र उर्फ सींद्र (25) आया और सीवर में झुककर जयभगवान की तरफ हाथ बढ़ाया, इसी बीच गैस की वजह से वह भी बेहोश होकर सीवर में जा गिरा। दोनों को निकालने के लिए वह अपनी कमर पर रस्सी बांधकर उतरा तो दो सीढ़ी नीचे उतरते ही वह भी बेहोश हो गया। गनीमत रही कि समय रहते लोगों ने उसे बाहर निकाल लिया। जिस वजह उसकी जान बच गई ।
खाना देने गए पिता को चिल्लाते मिले लोग-
सफाईकर्मी जयभगवान उर्फ काला के पिता दयानंद ने बताया कि वह दोपहर डेढ़ बजे अपने बेटे को खाना देने जा था। वह नूरवाला चौक पर पहुंचा तो सीवर के पास खड़ा एक सफाईकर्मी बचाओ-बचाओ चिल्ला रहा था। वह दौड़कर गया तो सीवर के अंदर उसी का बेटा पड़ा था। उक्त सफाईकर्मी कुछ देर बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस अधिकारी रेस्क्यू टीम लेकर पहुंचे और दोनों को बाहर निकाला। आरोप है कि सुपरवाइर जसवीर उनके पास नहीं था।
नियमानुसार जब कोई सीवरमैन सीवर में उतरता है तो उसको पहले गैस काटने के लिए दवा डालनी पड़ती है। सफाई मशीनों से होनी होती है। निगम के पास अपनी मशीन होने बावजूद सीवरमैन के बजाय सफाईकर्मी जयभगवान को भेजा गया। मशीन से सफाई होती या कर्मी के पास ऑक्सीजन मॉस्क होता तो उसकी जान बच जाती। ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र उनको बचाने उतरा। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन कंपनी, ठेकेदार या नगर निगम के अधिकारी नहीं पहुंचे।
नगर निगम की इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि बरसत रोड की मुख्य सीवर लाइन चालू नहीं है। इसका अभी निर्माण चल रहा है। लाइन में नूरवाला के आंबेडकर भवन के पास जोहड़ में बनाए स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल की लाइन के साथ कनेक्शन करना था। डिस्पोजल से इसको जोड़कर चालू करना था। लाइन का बैंड बदलने के दौरान हादसा हुआ। उनको सफाईकर्मी के सीवर लाइन के पास जाने का पता तक नहीं है।
हरियाणा वाल्मीकि महासभा के जिलाध्यक्ष गोविंदा ने कहा कि हादसा कंपनी व नगर निगम की लापरवाही से हुआ है। परिवार को आर्थिक मदद दी जाए। सुपरवाइजर जसवीर के खिलाफ कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया जाए। पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो वह जल्द समाज को साथ लेकर आंदोलन करेगा। एससी कमीशन के पूर्व जिला सहायक संयोजक आजाद सिंह पूनिया ने कहा कि सीवर की सफाई मशीन से होनी चाहिए थी। ऐसा नहीं हो पाता है तो सीवर की गैस खत्म कर सफाई कार्य या दूसरे कार्य किए जाते हैं। उसके पास पर्याप्त उपकरण होते हैं।
- आठ अक्तूबर 2021 को सेक्टर 24 स्थित टीडीआई में सीवर सफाई के दौरान बड़ौली गांव के जेई सुमित मिटान, जाहिद और सलमान की मौत हो गई थी
- 13 अप्रैल 2022 को शोंधापुर गांव में 25 फुट की नई सीवर लाइन का लेवल जांच करते मेरठ के बिलाल (25) की मौत हो गई थी।
- वर्ष 2014 में जाटल रोड स्थित एसटीपी में सफाई करते समय चार लोगों की मौत हो गई थी।
मृतक सफाईकर्मी के पिता की शिकायत पर सुपरवाइजर जसवीर और आईएनडी कंपनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304-ए के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हादसे में किसकी लापरवाही रही। जांच के दौरान इसका पता लगाया जाएगा और उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
- फूल कुमार, प्रभारी, तहसील कैंप थाना