कोरोना इस माह में अब तक 13 लोगों की मौत का कारण बन चुका है। शुक्रवार को भी दो बुजुर्ग कोरोना से संक्रमित होकर जीवन से जंग हार गए। इनमें से देवीमुर्ति कॉलोनी की 74 साल की वृद्घा और शांति नगर का 76 साल का बुजुर्ग शामिल हैं। दोनों पिछले 10 दिन से बीमार थे। मौत के बाद इनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली है। अब तक जिले में कोरोना से 67 लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को कोरोना के नए 182 रोगी मिले हैं। जबकि 97 लोग कोरोना से ठीक हुए है। अब जिले में कोरोना के रोगियों की संख्या 5620 हो चुकी है। इनमें से 3781 लोग ठीक हो चुके हैं।
यहां मिले नए कोरोना रोगी
पॉजिटिव केसों में डावर कॉलोनी, मॉडल टाउन, हरिबाग कॉलोनी, बुड़शाम, कश्यप कॉलोनी, एनेचबीसी, सेक्टर 11, सेक्टर 13, सेक्टर 20, नूरवाला, शिमला मौलाना, बंसी कॉलोनी, सिवाह, पट्टीकलियाना, गुड़मंडी समालखा, रेलवे रोड समालखा, आट्टा, ख़लीला, बिंझौल, हनुमान कॉलोनी, दरियापुर, गवालड़ा, सीताराम कॉलोनी, सेक्टर 6, शास्त्री कॉलोनी समालखा, कमली मोहल्ला, किशनपुरा, वृंदा एन्क्लेव सेक्टर 13-17, जगनन्नाथ विहार, बत्रा कॉलोनी, चंदौली, सेक्टर 25, ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, बिचपडी, बिशनस्वरूप कॉलोनी, सत करतार कॉलोनी, अग्रसेन कॉलोनी, विकास नगर, गांधी कॉलोनी, आसन कलां, खटीक बस्ती, काबड़ी, खैल बाजार, सुताना, जगजीवनराम कॉलोनी, सुशांत सिटी, रामनगर, दीवाननगर, पटेल नगर, सैनी कॉलोनी, सेक्टर 18, एल्डिगो स्टेट, डिकाडला, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, कलंदर चौंक, बाबरपुर, अंसल, जसबीर कॉलोनी, टीडीआई सिटी, ताहरपुर, शिमलामौलाना, इसराना, अतुतोलापुर, विराट नगर, राजाखेड़ी, अहर कराना, जौरासी रोड, गांधी कॉलोनी समालखा, चुलकाना, मनाना, करहंस, देहरा, कालखा, शिवनगर, एनएफएल, आर्य नगर, गांजबड़, देशराज कॉलोनी, गंगापुरी रोड, फ्रेंड्स कॉलोनी इत्यादि से पॉजिटिव रिपोर्ट मिली है।
सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा ने बताया कि जिला में कोविड 19 के कुल 38774 सैंपल लिए गए हैं। जिनमें से 33508 की रिपोर्ट नेगेटिव प्राप्त हुई है। शुक्रवार को 1010 सैंपल लिए गए हैं। 78 केस अब तक अनटैस हैं।
ये बन रहा है संक्रमण का कारण
बैंक, अस्पताल व बाजारों में टूट रहे सोशल डिस्टेसिंग के नियम
-मास्क का कम प्रयोग होना
- लोगों में अब भी कोरोना के खिलाफ जागरूकता नहीं है।
- लोग कोरोना को हल्के में ले रहे हैं।
- सैंपल रिपोर्ट देरी से मिल रही है। इसलिए देरी से ईलाज शुरू हो रहा है।
- सैंपल की संख्या जनसंख्या के मुताबिक अब भी कम है।