सनौली (पानीपत) के गांव तामशाबाद में ईद उल जुहा पर पशु की कुर्बानी देने की अफवाह को लेकर दो समुदायाें के बीच हुए खूनी संघर्ष में दो बच्चियों और दो महिलाओं समेत 10 लोग घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी पुलिस बल लेकर गांव में पहुंचे। इसके बाद गांव छावनी में बदल गया। उधर, गांव के मौजिज लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार करीब 11 बजे यमुना नदी किनारे बसे गांव तामशाबाद में मुस्लिम परिवार की ओर से पशु की कुर्बानी देने की अफवाह फैल गई। इससे दोनाें समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए। बाद में यह अफवाह खूनी संघर्ष में बदल गई।
खूनी संघर्ष में शमीम, उसकी पत्नी बस्करी, सत्तार की पुत्री गुलशना, सत्तार और उसकी पुत्री बलकीश, शौकीन और दूसरे पक्ष के सुभाष, अमित और सुभाष सिंह घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही यमुना नदी पुलिस चौकी प्रभारी चरण सिंह तत्काल दलबल समेत गांव में पहुंच गए और जिला मुख्यालय को घटना की जानकारी दी। जिला मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम पानीपत अश्वनी मलिक, एसडीएम समालखा विवेक चौधरी, डीएसपी राजबीर सिंह हुड्डा और वीरेंद्र दलाल को बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ गांव में भेजा। वहीं घायलों को पानीपत के सिविल अस्पताल में उपचार दिलाया।
पुलिस ले चलाया तलाशी अभियान
एहतियात के तौर पर पुलिस ने गांव में गहन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी अभियान में पशु की कुर्बानी देने जैसा कुछ नहीं मिला। इस दौरान गांव के प्रबुद्ध लोगों ने गांव में शांति व्यवस्था और भाईचारा कायम कराने के लिए दोनों समुदाय के लोगों के बीच समझौता कराने के प्रयास शुरू किए। वहीं गांव में तनाव का माहौल होने के चलते बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है और पुलिस गश्त कर हालत पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
हालात तनावपूर्ण नहीं : एसडीएम
एसडीएम पानीपत अश्वनी मलिक ने दावा किया कि गांव तामशाबाद में हालत तनावपूर्ण नहीं है। वहीं अफवाह के कारण मारपीट की घटना जरूर हुई है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने प्रशासन के समक्ष आपस में समझौता करने, भविष्य में शांतिपूर्वक और भाईचारे के साथ रहने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने बताया कि यदि मारपीट के मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता नहीं हुआ तो पुलिस से मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।