एक तरफ एसपी पानीपत एलिवेटेड हाईवे के नीचे कटों को बंद करवा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ समालखा में रेलवे रोड पर पौने किलोमीटर में 12 कट छोड़ दिए गए। इससे वाहन चालकों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। कुछ लोगों का कहना है कि ये कट राजनीतिक दबाव के चलते छोड़े गए हैं।
शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर पहले रेलवे रोड को बिना किसी लेवलिंग के ही ऊंचा उठा दिया गया। अब पीडब्ल्यूडी की ओर से रोड पर डिवाइडर बनवाया जा रहा है। पुराने बस अड्डा से रेलवे स्टेशन तक रोड करीब पौने किलोमीटर का है।
इसमें पीडब्ल्यूडी की ओर से 12 कट छोड़ दिए गए, जिसमें माता पुली, गुलाटी रोड, बालाजी मार्केट, शिव मार्केट, बंसल फोटो स्टेट, समिति रोड, माडल टाउन, पुरानी ट्रक यूनियन, काठ मंडी गेट, महावीर बस्ती, विश्वकर्मा धर्मशाला, गुड़ मंडी गेट के कट शामिल हैं।
विभाग ने लगभग हर गली के सामने कट बना दिया है। इनमें से अधिकांश कटों के बीच में कुछ कदमों का फासला भर ही है। इतने अधिक कटों के कारण जहां डिवाइडर का औचित्य ही समाप्त हो गया है, वहीं इससे जाम की समस्या ओर गंभीर हो जाएगी।
रेलवे रोड पर हर समय वाहनों की आवाजाही लगी रहती है और डिवाइडर पर हर कुछ कदमों पर बने कटों से वाहनों के मोड़ काटने से वहां जाम की स्थिति पहले से भी ज्यादा गंभीर हो जाएगी। रेलवे रोड पहले से ही अतिक्रमण की समस्या से जूझने के कारण 66 फीट से सिकुड़ कर पचास फीट के करीब ही रह गया है।
रोड कम चौड़ा होने और कटों के कारण शहर वासियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वहीं, पीडब्ल्यूडी के सूत्रों की मानें तो पूरे रेलवे रोड पर पांच कट बनाए जाने थे, लेकिन लोगों ने राजनीतिक दबाव डलवाते हुए हर गली के सामने कट बनवा लिया है।