पानीपत। वार्ड नंबर चार की देशराज कॉलोनी में भावना चौक की गली नंबर तीन में पेयजल संकट गहरा गया है। पिछले एक माह से पीने के पानी की समस्या झेल रहे लोगों को अब रोजमर्रा के दैनिक और घरेलू कामों के लिए भी पानी की कमी से जूझना पड़ रहा है। करीब एक माह पहले यहां लगा निगम का ट्यूबवेल बैठ गया था। इसकी आज तक रिपेयरिंग नहीं हो सकी। दूसरी ओर निगम ने नया ट्यूूबवेल तो लगाया, लेकिन इसको चालू नहीं किया गया। इससे वार्ड के लोग करीब एक किलोमीटर दूर से पीने का पानी भरने को मजबूर हैं। वृद्ध महिलाएं भी दिन-रात पानी भरने में जुटी रहती हैं।
वार्ड की महिलाएं बुधवार को निगम पार्षद रविंद्र नागपाल के घर पहुंचीं। पानी की समस्या पार्षद को बताई। पार्षद ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे खुद उनके साथ निगम अधिकारियों का घेराव करेंगे। जैसे वे दूर से पानी भरने को मजबूर हैं, अधिकरियों से भी वैसे ही पानी भरवाया जाएगा।
वार्ड के लोगों ने बताया कि भावना चौक की दो गलियों में करीब 100 परिवार रहते हैं। इनमें करीब 500 लोगों का पानी का सहारा सिर्फ निगम का ट्यूबवेल है। एक माह पहले ट्यूबवेल बैठ गया और पानी देना बंद कर दिया। इसकी शिकायत पार्षद समेत निगम अधिकारियों को भी दी गई। निगम ने इसे रिपेयर नहीं करवाया। इसके अलावा एक दूसरा नया ट्यूबवेल लगा दिया गया, लेकिन इस ट्यूबवेल का न तो अब तक बिजली कनेक्शन किया गया है और न मीटर लगाया गया। इससे नया ट्यूबवेल भी पानी नहीं दे पा रहा है। इससे उन्हें दूर से पीने ढोकर लाना पड़ रहा है। इसके लिए उस समय जाना पड़ता है जब दूसरा ट्यूबवेल चल रहा हो।
लोगों ने बताया कि वे पीने के लिए वाटर कैंपर खरीद रहे हैं। कई बार कैंपर न मिले तो दिन भर या तो पानी मांग कर पीना पड़ता है या पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है। पीने के अलावा रोजमर्रा के कामों के लिए भी पानी नहीं है। घरेेलू कामों में भी पानी चाहिए, लेकिन वह भी उपलब्ध नहीं है। कई बार तो वाटर टैंकर मंगवाए जा चुके हैं, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। अगर निगम ने पानी की सप्लाई का प्रबंध नहीं किया तो जल्द ही निगम में अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।
मैं जनता के साथ हूं। इस समस्या को कई बार निगम अधिकरियों को बता चुका हूं। अगर अब भी समाधान नहीं हुआ तो जल्द ही निगम के बाहर स्थानीय लोगों के साथ धरना दिया जाएगा।
- रविंद्र नागपाल, पार्षद, वार्ड नंबर 4
पेयजल समस्या का जल्द समाधान करवाया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को मौके पर भेजकर रिपोर्ट ली जाएगी। इसके बाद जो भी उपयुक्त समाधान होगा, वह करवाया जाएगा। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। - रमेश कुमार, चीफ इंजीनियर, नगर निगम।