पानीपत। पश्चिमी विक्षोभ के चलते शुक्रवार को बेमौसम तेज बारिश हुई। सुबह से देर शाम तक रुक-रुकर मध्यम से तेज बारिश हुई। शहर की गलियों में लोगों को बारिश आफत नजर आई। वहीं किसानों के लिए यह राहत बनकर बरसी। खासकर गेहूं उत्पादक किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
जिले में औसतन 14.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक पानीपत खंड में 20 एमएम और इसराना में 19 एमएम बारिश दर्ज की गई। मतलौडा व बापौली में 11-11 और समालखा में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। बेमौसम बारिश के चलते शहर में कई जगह जलभराव हो गया। जीटी रोड गुरुद्वारा पहली पातशाही के गुरु तेग बहादुर भवन के बाहर और गीता मंदिर रोड समेत कई स्थानों पर जलभराव हो गया।
मौसम विशेषज्ञों के पूर्व अनुमान के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे ही बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद सात बजे बारिश तेज हो गई। यह करीब नौ बजे तक चली। इसके बाद देर शाम तक रुक-रुककर मध्यम से तेज बारिश चलती रही। मौसम विशेषज्ञों ने शनिवार को भी बारिश की संभावना जताई है। अब कई दिन मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
बारिश के चलते अधिकतम तापमान एक साथ कम हो गया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि वीरवार को यह करीब 21 डिग्री था। न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया। शनिवार को बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद रविवार को हल्के बादल छाए रहेंगे।
गेहूं उत्पादन बढ़ने की उम्मीद ः कृषि विधान केंद्र उझा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि बारिश होने से गेहूं की फसल को फायदा होगा। इससे गेहूं का फुटाव और बढ़वार होगी। किसानों को अभी ट्यूबवेल के पानी से सिंचाई नहीं करनी है। कुछ किसान पहले ही सिंचाई कर चुके हैं। ऐसे किसान गेहूं के खेत में पानी जमा न होने दें। विदित है कि जिला में करीब 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल है। किसान बारिश से गेहूं की फसल को लेकर खुश हैं। शहरमालपुर गांव निवासी प्रदीप व संदीप ने बताया कि वे कई एकड़ गेहूं की सिंचाई करने की तैयारी में थे। शुक्रवार सुबह से तेज बारिश है। इससे गेहूं का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद बन गई है।
बिजली कट सुबह से ही शुरू ः बूंदाबांदी शुरू होते ही बिजली के कट लगने शुरू हो गए। कई कॉलोनियों में सुबह सात से 10 बजे तक बिजली गुल रही। इस दौरान मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई। इसके बाद शाम को भी बूंदाबांदी के चलते कई क्षेत्रों में बिजली के कट रहे।
पानी निकासी बड़ी समस्या ः शहर में पानी निकासी की समस्या बारिश के मौसम में गंभीर थी। नगर निगम, एचएसवीपी और अन्य संबंधित विभागों ने बेहतर प्रयास के दावे किए थे। बावजूद इसके बारिश का पानी सड़कों पर जमा हुआ था। शुक्रवार को भी बारिश में पानी निकासी की पोल खुल गई।