पानीपत। अनाजमंडी के पास शनिवार रात साढ़े 11 बजे मोबाइल कारोबारी से हुई 14.67 लाख रुपये की लूट की वारदात को पटाक्षेप हो गया है। सीआईए वन ने इस वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड व्यापारी का ही ड्राइवर निकला है। उसी ने अपने दोस्तों के साथ इस लूट की वारदात की पटकथा लिखी थी। उसने शनिवार रात को दिल्ली से चलते ही अपने दोस्तों को इसकी सूचना दे दी थी। उसने लूटपाट की वारदात के दौरान अपने दोस्तों से पिटने का भी नाटक किया था। सीआईए ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान इनसे लूटी गई राशि व उनके एक अन्य साथी के बारे में पूछताछ की जा रही है।
सीआईए वन प्रभारी महिपाल सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने बलजीत नगर निवासी अमन, साहिल निवासी शिव नगर व शोएब उर्फ साधु निवासी विद्यानंद कॉलोनी को बबैल नाका से गिरफ्तार किया है। इन्होंने पूछताछ में अपने साथी विद्यानंद कॉलोनी निवासी अरमान के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूली है।
रविवार सुबह विराट नगर, फेस -टू निवासी संतलाल कपूर ने सेक्टर 29 पुलिस थाना में शिकायत देकर बताया था कि उसकी संजय चौक पर कपूर टेलीकॉम के नाम से दुकान है। वह विभिन्न कंपनियों से मोबाइल ऑर्डर पर मंगवाता है और दिल्ली के करोल बाग में दुकानों पर सप्लाई भी करता है। वह सप्ताह में दो तीन बार दिल्ली जाता है। वह शनिवार सुबह मोबाइल लेकर अपने चालक बलजीत नगर निवासी अमन के साथ करोल बाग दिल्ली गया था। वहां से मोबाइल की लगभग 14.37 लाख रुपये पेमेंट लेकर रात साढ़े नौ बजे चला था। पानीपत में जीटी रोड पर अनाजमंडी के सामने एक दम कार को पीछे से किसी के मारने की आवाज सुनाई। चालक अमन ने कार को साइड में लगाकर रोका और पीछे जांचने चला गया। इसी वक्त काली मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने उसको पकड़ लिया और पीटना शुरू कर दिया। एक युवक कार में चालक की सीट पर बैठ गया और दूसरा उसके पास पीछे वाली सीट पर बैठ गया। इन्होंने कपड़े से मुंह बांध रखा था। इन्होंने चाकू की नोक पर उसे बंधक बना लिया। दोनों युवक उसकी कार को गोहाना रोड की ओर भगा ले गए। यहां से वह कार को यूटर्न कर वापस चौटाला रोड पर ले गए थे। यहां उसके साथ मारपीट की और उसकी जेब से 30 हजार रुपये निकाल लिए। सीट के नीचे रखे लगभग 14.37 लाख रुपये भी लूट लिए और उसको कार से नीचे उतार दिया था। वह पैदल ट्रांसपोर्ट नगर में आया और अपने जानकारी ट्रांसपोर्टर का मोबाइल लेकर अपने बेटे नवीन को कॉल की थी। नवीन को आपबीती सुनाई। वह एक्टिवा लेकर आया और उसे अपने साथ लेकर घर गया था। पुलिस को पहले से ही ड्राइवर अमन पर शक था। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया था। उसमें किसी परिचित के शामिल होने का शक था।