पानीपत। प्रचंड गर्मी के मौसम में लोग राहत पाने के लिए नदी और नहरों में नहाने पहुंचे तो सावधानी से डुबकी लगाएं। नहाते समय जरा सी लापरवाही जान पर भारी पड़ रही है। पानीपत में प्रतिवर्ष 20 से 25 लोगों की मौत गर्मी के मौसम में नहर और नदी में डूबने से हो जाती है। इस वर्ष भी यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।
पानीपत से बड़ी संख्या में लोग यमुना नदी और दिल्ली पैरलल नहर में नहाने के लिए पहुंचते हैं। पिछले एक माह में 15 से अधिक लोगों की नहर और नदी में डूबने से मौत हो चुकी है। जिनमें ज्यादातर किशोर हैं। बुधवार को संजौली घाट पर ही दो किशोर और एक युवक की मौत हुई थी। इससे पहले सोमवार को भी एक युवक की मौत हुई थी। रविवार को भी दीवाना गांव का एक युवक दिल्ली पैरलल नहर में डूब गया था। जिसका शव 30 किमी दूर सोनीपत जिले में मिला था। 18 मकई को पसीना कलां में रह रहा 12 वर्षीय शादिक राेहतक बाईपास के पास नहाते समय डूब गया था। अगले दिन उसका शव मिला था। पानीपत में प्रतिवर्ष एक गर्मी के मौसम में इस तरह के हादसे बढ़ जाते हैं। इसके बावजूद भी पुलिस का इस पर कोई ध्यान नहीं है।
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ये हैं हॉट स्पॉट
पानीपत में सबसे अधिक हादसे दिल्ली पैरलल नहर में होते हैं। इसके साथ ही यमुना नदी के सनौली, संजौली घाट पर भी हादसे होते हैं। नहर में एक दर्जन से अधिक हाॅट स्पाॅट बन गए है। जिनमें गाेहाना राेड, बतरा कालोनी के सामने, असंध नाका चौकी, हनुमान मंदिर, असंध रोड श्मशान भूमि के सामने, जाटल रोड शनि मंदिर, बिंझौल के पास, सिवाह और नारायणा गांव के पास बच्चे व युवक नहर में नहाते हैं।
नहाते समय बरतें सावधानी
डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स का कहना है कि नदी या नहर में नहाते समय सावधानी बरतनी चाहिए। छोटे बच्चों को नहर या नदी में नहाने से रोकें। परिजन उन पर ध्यान रखें। नदी में ज्यादा अंदर जाने से बचें। नहर में नहाते समय गहरे पानी में न जाएं। तैरना नहीं आता तो नहर या नदी में नहाने बचें।