पानीपत। जीआरपी थाना पुलिस ने कुटिया में आग लगाकर साधू कर्मजीत (38) की हत्या के आरोपी आशीष को वीरवार को अदालत में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पांच नवंबर की दोपहर को वह साधू से मिलने उनकी कुटिया पर गया था।जहां पर उनकी कहासुनी हो गई थी। जिस पर साधू ने उसे थप्पड़ मारकर भगा दिया था। जिसकी रंजिश में उसने रात को कुटिया में आग लगा दी थी।
थाना जीआरपी प्रभारी चंदन सिंह ने बताया कि पांच नवंबर को सूचना मिली थी कि कच्ची फाटक के पास साधू कर्मजीत की कुटिया में आग लग गई है। टीम मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया था। आग में झुलसे साधू कर्मजीत को पहले रोहतक पीजीआई और बाद में दिल्ली के सफदरगंज में भर्ती कराया था। जहां पर नौ नवंबर को उनकी मौत हो गई थी। मृतक कर्मजीत ने मृत्यु से पहले अपने बयान मे दो युवकों के नाम लिए थे। मृतक के पिता महावीर निवासी गंगाराम कॉलोनी ने दोनों युवकों के खिलाफ जीआरपी थाने में शिकायत दी थी। करीब 14 दिन तक चली जांच के बाद जीआरपी थाना पुलिस ने बुधवार को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर एक आरोपी आशीष निवासी शांतिनगर कॉलोनी को रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया था।
पूछताछ में आरोपी ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि वह अक्सर साधू की कुटिया में जाता रहता था। जहां पर वह शराब पार्टी करते थे। वारदात के दिन वह दोपहर को कुटिया में गया था। लेकिन उनकी कहासुनी हो गई थी। जिस कर साधू ने उसे थप्पड़ मारकर वहां से भाग दिया था। जिसकी रंजिश में उसने वारदात को अंजाम दिया। वीरवार को जीआरपी थाना पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। ब्यूरो