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तिरंगा लगाकर ट्रैक्टर-ट्रालियों से दिल्ली कूच करेंगे जाट

Wed, 15 Mar 2017 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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पानीपत - फोटो : पानीपत
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पानीपत/इसराना। उग्रा खेड़ी में चल रहे धरने में महिलाओं ने खुद को झांसी की रानी बनकर आरक्षण की लड़ाई लड़ने का एलान किया है। आक्रामक रूप दिखाते हुए महिलाओं ने एकमत से सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। वहीं संघर्ष समिति तिरंगा झंडा लगाकर ट्रैक्टर-ट्रालियों से 20 मार्च को दिल्ली कूच करेगी। समिति ने एक हजार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से दिल्ली कूच करने का दावा किया है। फिलहाल 401 ट्रैक्टरों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। संघर्ष समिति के अनुसार पुरुष दिल्ली संभालेंगे और महिलाएं धरनों का संचालन करेंगी। महिलाओं की कमेटी भी गठित कर दी गई है। धरनों में पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या में भी भारी इजाफा हो रहा है। सनौली-हरिद्वार रोड पर डीएसपी मुख्यालय जगदीप दूहन पुलिस अमले के साथ सुरक्षा की दृष्टि से डटे हुए हैं। खुफिया विभाग वाहनों व धरने में शामिल होने वाले लोगों की संख्या अपने रिकॉर्ड में दर्ज कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपने में लगे हुए हैं। वहीं संभावित संसद घेराव को लेकर सरकार भी गंभीर हो गई है। सूत्रों की मानें तो जाटों के दिल्ली कूच से पहले सरकार जाट समाज के लोगों से वार्ता कर सकती है।
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अखिल भारतीय जाट आंदोलन संघर्ष समिति के बैनर तले उग्रा खेड़ी के स्टेडियम में चल रहा धरना 45वें दिन भी शांतिपूर्वक रहा। इस धरने का मंच संचालन रणधीर नैन भालसी व अध्यक्षता धनसौली निवासी कर्ण सिंह ने की। गांव बिंझौल की राजबाला, कमला, सावित्री द्वारा जाट आरक्षण के हित में गीत गाए। उग्रा खेड़ी व इसराना धरनों की कमान 20 मार्च से महिलाओं को सौंपी गई है। संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप सिंह दहिया ने बताया कि दिल्ली कूच की तैयारियों में लगे हुए हैं। दहिया ने कहा कि अबकी बार जाट समाज दिल्ली कूच से अपनी मांगों को मनवाकर ही वापस लौटेगा। यदि इस बीच पुलिस द्वारा रोकने की कोशिश की गई तो वहीं पर डेरा डाल लेंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दीपक खटखड़, सुरेश आर्य रिसालू, निशान सिंह मलिक, हरपाल सिंह, संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष सतबीर सिंह देशवाल, रवींद्र मच्छरौली, सुरेश कुमार, रणबीर सिंह व चतुर्भुज बुड़शाम मौजूद रहे।

आंदोलन को फेल करने में लगी सरकार
अखिल भारतीय जाट आंदोलन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप सिंह दहिया ने बताया कि जाटों के दिल्ली कूच के एलान के बाद भाजपा सरकार भी जाटों के आंदोलन को फेल करने में लग गई है। दहिया का आरोप है कि फरीदाबाद के सूरजकुंड में कृषि किसान मेला 18 से 20 मार्च को सरकार द्वारा जान बूझकर आयोजित कराया जा रहा है। क्योंकि 20 मार्च को जाटों का दिल्ली कूच का प्रोग्राम है। उन्होंने किसानों व जाट समाज के लोगों से इस कृषि मेले का बहिष्कार करने की अपील की है।
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विधायकों के खिलाफ है रोष
भाकियू के उप प्रधान व पूर्व सरपंच बिंटू मलिक ने कहा कि जाट समाज को 36 बिरादरी को समर्थन मिला। लेकिन भाजपा के विधायकों की तरफ से कोई समर्थन जाट समाज को नहीं मिला। हालांकि एक विधायक की जन्मस्थली गांव कवी से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उग्रा खेड़ी के धरनास्थल में पहुंच रहे है। बिंटू मलिक ने कहा कि हम यहां स्टेडियम में अपनी मांगों को लेकर काली होली मना रहे हैं। परंतु विधायकों द्वारा रंगों की होली खेली गई।

आगामी समय में भुगतना पड़ेगा खामियाजा
इसराना। जाट आरक्षण की मांग को लेकर इसराना में चल रहा धरना मंगलवार को भी शांतिपूर्वक रहा। अध्यक्षता हरेंद्र राणा कारद द्वारा की गई। संघर्ष समिति के आह्वान पर नौल्था में मनाए जाने वाला ऐतिहासिक फाग इस बार नहीं मनाया गया। आरक्षण सहित सात मांगों को पूरा होते ही समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक की मौजूदगी में जिले के लोग ऐतिहासिक फाग को नौल्था में जाकर मनाएंगे। संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष सतबीर सिंह देशवाल के अनुसार दिल्ली कूच के दौरान जाम में फंसने वाली एंबुलेंस व स्कूल बसों को रास्ते दिए जाएंगे। इस अवसर पर मास्टर मामन सिंह, राजेंद्र जागलान, राजपाल ठेकेदार, प्रदीप जागलान, राज सिंह आर्य व दयाराम कोच ने भी धरने में मौजूद लोगों को संबोधित किया।
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