पानीपत। जिले में अब भी 1.53 लाख पात्रों ने अपना चिरायु योजना का कार्ड नहीं बनवाया है। स्वास्थ्य विभाग भी इनको ट्रेस नहीं कर पा रहा है। सरकार लगातार स्वास्थ्य अधिकारियों को इनको चिह्नित कर इनके कार्ड बनाने के निर्देश दे रही है। जिले में कुल चिरायु योजना के 809820 के पात्र हैं। अब तब लगभग 6.49 लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बने हैं। जिले में अब तक 60 हजार मरीज 145 करोड़ का अपना इस योजना के तहत मुफ्त इलाज करवा चुके हैं। जिले के 53 निजी अस्पताल चिरायु योजना के पैनल पर हैं। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को भी योजना के पैनल पर लिया जा चुका है।
सरकार ने एक अप्रैल से 31 मई 2024 तक 60 दिनाें पानीपत में राेजाना 3005 नए कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया था, ताकि लाेगाें काे चिन्हित करके उन्हें कार्ड बने और समय पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके। स्वास्थ्य विभाग एक अप्रैल से 28 जुलाई तक मात्र 26 हजार लाभार्थियों के ही कार्ड बना पाया है।
आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के अंतर्गत अब 1.80 लाख रुपये तक मुफ्त में कार्ड बनते हैं। इन्हें लाभार्थी घर बैठे भी बनवा सकता है। वहीं 1.80 लाख रुपये से तीन लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले भी पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज ले सकते है। इसके लिए उन्हें https://chirayuayushmanharyana.in/ पर विभिन्न ऑनलाइन बैंकिंग मोड यानी नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और वॉलटेस के माध्यम से मात्र 1500 रुपये वार्षिक अंशदान कर पंजीकरण करना हाेगा।
पानीपत में लगभग पांच लाख प्रवासी लोग रहते हैं। 2011 में आयुष्मान योजना के पात्रों का सर्वे हुआ था। उस वक्त जिन पात्रों के नाम लिस्ट में आए थे। उसमें काफी संख्या में प्रवासी थे। अब काफी प्रवासी यहां से वापस अपने घर जा चुके हैं, जब स्वास्थ्य विभाग की टीमें उनके दिए पते पर पहुंचती है तो वहां पात्र नहीं मिलते।
वर्जन-
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि पात्रों को ट्रेस करने के लिए नियमित अभियान चलाया जाता है। उन्हें जागरूक भी किया जाता है। अब तक लगभग 60 हजार लोग 145 करोड़ रुपये का इलाज ले चुके हैं। लोगों से अपील है कि जो चिरायु योजना के पात्र हैं वो अपना गोल्डन कार्ड अवश्य बनवा लें।