संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। बिजली निगम की टीम ने शहर के औद्योगिक क्षेत्र और उसके आसपास में तीन कारोबारियों को बिजली चोरी करते पकड़ा है। तीनों फर्जी बिजली मीटर लगाकर निगम की आंखों में धूल झोंक रहे थे। बिजली चोरी कर गोदाम और घर में बिजली चला रहे थे। इनमें एक सात वर्ष से फर्जी मीटर से बिजली चला रहा था। बिजली निगम की टीम ने सूचना के आधार पर छापेमारी की।
आरोपियों को बिजली कनेक्शन के बारे में पूछा तो वे कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। उल्टे निगम पर बिल नहीं भेजने का आरोप लगाने लगे। राजनीतिक लोगों से फोन करवाने लगे, लेकिन मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में होने से घर में बिजली चोरी कर रहे व्यक्ति पर 43,996, एक गोदाम मालिक पर 1.95 लाख और दूसरे गोदाम मालिक पर 4.78 लाख रुपये जुर्माना लगाया।
समालखा सब डिवीजन के कार्यकारी अभियंता एमएस धीमान ने बताया कि तीनों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जुर्माना जमा करने के लले कहा है। जुर्माना नहीं भरने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बिजली निगम का 1.11 लाख का बिल देख लकवा पड़ा
पानीपत। बिजली का भारी भरकम बिल देखकर भारत नगर के धर्मपाल को लकवा (पैरालिसिस) हो गया। आरोप हैं कि निगम का पहले 500 रुपये प्रति महीने बिल आता था। वह आसानी से भर देता था। अब निगम ने एक साथ 1.11 लाख रुपये का बिल थमा दिया। अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। धर्मपाल ने मंगलवार को सीजीआरएफ (उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम ) में अपना दुखड़ा सुनाया। दरबार जिला सचिवालय 33 केवी सब स्टेशन के सभागार में लगाया। दरबार में छह पुरानी और तीन नई शिकायत दर्ज की। इनमें से दो पुरानी शिकायतों का समाधान मौके पर ही किया गया। इनमें ज्यादातर गलत बिल की रही। चेयरमैन योगराज सिंह, मेंबर फाइनेंस तरुण गुप्ता व चेयरमैन के निजी सचिव देव शरण ने सब स्टेशन में सीजीआरएफ के दरबार में शिकायत सुनी। भारत नगर के धर्मपाल ने बताया कि वह जूते गांठने का काम करते हैं। उनका घरेलू बिजली कनेक्शन है। उनका हर महीने 500 रुपये तक बिल आता था। अब निगम ने एक साथ 1.11 लाख रुपये का बिल भेज दिया। उसने कहा कि इतना बिल देख उनको रात में लकवा तक लग गया। संवाद