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लोक संपर्क विभाग के पूर्व अधीक्षक समेत तीन को दो-दो वर्ष की सजा

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पानीपत। पुत्रवधू को पीटने के मामले में जिला सेशन जज मनीषा बत्रा की अदालत ने वीरवार को लोक संपर्क विभाग के पूर्व उपाधीक्षक, उनके बेटे और पोते को दोषी करार दिया। तीनों को दो वर्ष की सजा सुनाई गई है। सभी पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा करने के लिए दोषियों को 15 मार्च तक का समय दिया गया है। अब तब तक तीनों बाहर हैं और 16 मार्च को उन्हें कोर्ट में पेश होना है।
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हरियाणा लीगल हेड सर्विस के वकील मोहम्मद आजम ने बताया कि 29 नवंबर 2017 को बापौली थाना पुलिस को शिकायत देकर गांव बापौली निवासी महिला ने ससुर पूर्व उपाधीक्षक रामकिशन, जेठ भीम राव उर्फ काला, जेठ पुष्पेंद्र के बेटे हरिओम के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुत्रवधू ने तीनों पर उसके सिर पर वजनी वस्तु मारने का आरोप लगाया था। ससुर रामकिशन पर उसे लात-घूंसे से पीटने का भी आरोप था। सास के बीच बचाव करने पर हरिओम ने उन्हें भी पीटा था। घर के बाहर खड़े पति के साथ भी मारपीट की थी।
पीड़िता का कहना था कि हरिओम ने 100 प्रतिशत दिव्यांग का मेडिकल बनवा रखा है, जबकि वह 25-30 प्रतिशत ही अपंग है। जब भी यह कोई झगड़ा करता है तो हरिओम से शिकायत दिलवाते हैं कि यह तो 100 प्रतिशत अपंग हैं और कार्रवाई अक्सर दूसरे पक्ष पर ही होती है। महिला की ओर से पुलिस को दी शिकायत में सवाल किए गए थे कि क्या 100 प्रतिशत अपंग डंडा मार सकता है, छत पर ईंट लेकर चढ़ सकता है। उसने कहा कि ससुर उनकी सास को छह वर्ष पहले छोड़कर चला गया था और जब भी आता है, सिर्फ झगड़ा करता है।
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