पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल के चौथे तल पर स्थित एसएनसीयू वार्ड में दाखिल 12 नवजातों की जान को खतरा बरकरार है। सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो चुकी है, लेकिन एसएनसीयू वार्ड में एक ही बाल रोग विशेषज्ञ है जो सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही अस्पताल में रहता हैं। इसके बाद एसएनसीयू वार्ड की जिम्मेदारी नर्सिंग ऑफिसर पर रहेगी। वार्ड में दाखिल इन बच्चों को डॉक्टर की सख्त आवश्यकता है। इनको सी पैप मशीन पर रखा गया है।
जानकारी के अनुसार एसएनसीयू वार्ड की इंचार्ज डॉ. भावना समेत तीन डॉक्टर एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। इसके अलावा 12 नर्सिंग ऑफिसर भी एनएचएम के अंतर्गत हैं। यह सभी हड़ताल में शामिल हैं। अब यहां पर पांच नर्सिंग ऑफिसर हैं। यहां दूसरे वार्डों की नर्सिंग ऑफिसर को लगाया गया है जिन्हें सी पैप व एचएफएनसी मशीनें चलाने का प्रशिक्षण नहीं है। ऐसे में इन नवजातों को डॉक्टर की सख्त आवश्यकता है। एनएनसीयू के बाहर बैठे इन नवजातों के परिजन परेशान हैं। वह बार बार नर्सिंग ऑफिसर से अपने बच्चे का हाल जान रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने सरकारी डॉ. निहारिका को अलर्ट पर रखा है।
एसएनसीयू वार्ड में चार ऐसे बच्चे हैं जिनका वजन 1500 ग्राम से है। तीन ऐसे बच्चे हैं , जो प्री मैच्योर डिलीवरी में पैदा हुए हैं। तीन ऐसे बच्चे हैं। जिन्हें सांस लेने में दिक्कत है। इन बच्चों को सी पैप मशीन से सांस दिलाई जा रही है। इनको नियमित डॉक्टर की देखरेख की जरूरत है। डॉक्टर को इन बच्चों को नियमित रूप से तापमान जांचना होता है। एसएनसीयू वार्ड में कार्यरत चारों डॉक्टरों व 12 स्टाफ नर्सों को चंडीगढ़ व रोहतक पीजीआई में नवजातों की देखरेख के लिए प्रशिक्षित किया गया है। जिन नर्सिंग ऑफिसर को यहां लगाया गया है उनको नवजातों के इलाज का प्रशिक्षण नहीं है।
सिविल सर्जन समय समय पर एसएनसीयू वार्ड से बच्चों की हालत की जानकारी ले रहे हैं। अब यहां नवजातों का नया एडमिशन डॉक्टरों की हड़ताल खत्म होने तक रोकने के निर्देश दिए गए हैं। एसएनसीयू वार्ड के एक डॉक्टर ने बताया कि सभी बच्चों की हालत गंभीर है। इनको डॉक्टर की सख्त जरूरत है। जो नर्सिंग ऑफिसर अब यहां हैं उनको नवजातों के इलाज का प्रशिक्षण नहीं है। ऐसे में बच्चों की जान को बड़ा खतरा है। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि डॉक्टर दिन में भी बच्चों की जांच करेगा। रात को वह ऑन कॉल ड्यूटी पर अलर्ट पर रहेंगे। किसी भी आपातकाल स्थिति में उन्हें अस्पताल बुलाया जाएगा।