पानीपत। मांगों के मानने के बाद सरकारी डॉक्टर शनिवार को काम पर लौट आए। जबकि नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। डॉक्टरों के काम पर लौटने के बाद शनिवार को 549 मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिला है। हड्डी रोग को छोड़ कर सभी चिकित्सकों ने ओपीडी की। हड्डी रोग विशेषज्ञ की इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी थी और दूसरे हड्डी रोग विशेषज्ञ एनएचएम की हड़ताल में शामिल हैं। शनिवार को आंखों की 90, कान की 60, स्किन की 20, छाती, शुगर, बुखार, खांसी की 190, सर्जरी की 60, बाल रोग ओपीडी 55 व अन्य 74 ओपीडी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार एनएचएम कर्मचारियों ने सोमवार तक हड़ताल पर रहने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो वे मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। इस हड़ताल में एनएचएम के 350 कर्मचारी शामिल हैं। इनमें 12 डॉक्टर, 33 स्टाफ नर्स, एंबुलेंस चालक, क्लर्क , डाटा एंटी ऑपरेशन समेत स्वास्थ्य विभाग के कई प्रोजेक्ट के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से एंबुलेंस सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई है और गर्भवतियों को निजी वाहन से अस्पताल आना पड़ रहा है। घटनास्थलों पर भी एंबुलेंस नहीं पहुंच रही है। एंबुलेंस काउंटर पर एंबुलेंस सेवा बंद होने का नोटिस चस्पा किया गया है। वहीं एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि कई कई साल से वह एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। आज तक उनको सातवां पे स्केल नहीं दिया गया है। वह सालों से अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से एनएचएम कर्मचारियों पर निर्भर है लेकिन उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों में सातवां पे स्केल देने, उनको पक्का करने, ईएल , चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृति पर ग्रेज्युटी व नौकरी की सुरक्षा देना शामिल है। हड़ताल खत्म होने पर जिला नागरिक अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में डॉक्टरों की बैठक हुई। इसमें भूख हड़ताल पर बैठे वाले हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र ढांडा को सम्मानित किया। यहां एचसीएमएस के जिलाध्यक्ष डॉ. रिंकू सांगवान, डॉ. शशि गर्ग, डॉ. सुखदीप कौर, डॉ. राजीव मान, डॉ. राघवेंद्र, डॉ. केतन भारद्वाज, डॉ. जयदीप दहिया व डॉ. प्रीति भाटिया मौजूद रही।
फिजियोथेरेपी सेवाएं बंद
फिजियोथेरेपी विभाग की प्रभारी डॉ. नेहा बंसल के एनएचएम की हड़ताल में शामिल होने से फिजियोथेरेपी सेवाएं पूरी तरह से बंद है। यहां हर रोज इलाज के लिए 30-40 मरीज आते हैं। इनमें अधिकतर बुजुर्ग हैं। जिन्हें बिना इलाज ही घर लौटना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का सारा कागजी काम ठप
एनएचएम की हड़ताल के कारण सारा कागजी काम ठप हो गया है । एनएचएम कर्मचारियों पर ही स्वास्थ्य विभाग की सभी रोगों की रिपोर्ट तैयार करने, डॉक्टरों व स्टाफ का वेतन बनाने, ढांचागत रिपोर्ट तैयार करने, बजट का लेखाजोखा तैयार करने का जिम्मा है।