पानीपत। अटल सेवा केंद्र व आधार सेवा केंद्र की आड़ में लोगों के फर्जी आधार कार्ड, वोटर कार्ड व आयुष्मान कार्ड बनाने के तीनों आरोपियों साहिल जैन, रोहित जैन व दीपक कुमार को पुलिस ने सोमवार को तीन दिन के रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने मामले में और खुलासों के लिए अदालत से दोबारा रिमांड की मांग की। अदालत ने मामले को देखते हुए एक दिन का रिमांड मंजूर किया है। रिमांड के दौरान पुलिस अब इस मामले में निगम के तीन पार्षदों की भूमिका की भी जांच कर रही है। तीनों को जांच में शामिल किया जाएगा।
इसमें उनकी संलिप्तता की जांच की जाएगी। अगर किसी फर्जी कागजात पर पार्षद के असल हस्ताक्षर पाए जाते हैं तो इस मामले में पार्षदों की भूमिका भी सामने आ सकती है। अब जिन लोगों के कागजात बरामद हुए हैं , पुलिस उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। संबंधित विभागों को भी इस बारे में पत्र लिखा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर चर्चा ये भी हैं कि तीनों आरोपियों ने नूंह हिंसा के दौरान कुछ फर्जी कागजात तैयार किए थे, लेकिन एसपी अजीत सिंह शेखावत ने इसको सिरे से खारिज कर दिया है।
बड़ा सवाल, तो क्या पार्षदों को पता था
अब सवाल ये खड़े हो गए हैं कि क्या इस पूरे मामले का पार्षदों को पता था? छह साल से पार्षदों की मुहर का इस्तेमाल हो रहा था। ऐसे में किसी के लिए भी ये विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि बिना पार्षदों के संज्ञान में मामला हुए इतने सालों से फर्जीवाड़ा कैसे चल सकता है? इसलिए पुलिस फर्जी कागजों पर पार्षदों के हस्ताक्षरों की जांच करेगी। ये इस मामले में बड़े सवाल हैं।
पुलिस के लिए ये चुनौती-
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती ये है कि जिन लोगों के फर्जी कागज बने हैं उन तक कैसा पहुंचा जाए। ये देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा भी है। इसलिए मामले की जांच इंटेलिजेंस ब्यूरो भी कर रही है।
पार्षदों से भी हो सकती है पूछताछ :एसपी
आरोपियों का एक दिन का और रिमांड मिला है। रिमांड के दौरान पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। आधार कार्ड, वोटर कार्ड व आयुष्मान कार्ड बनवाने वाले लोगों तक पहुंचा जा रहा है। तीनों निगम पार्षदों को जांच में शामिल किया जाएगा। उनके हस्ताक्षरों का मिलान किया जाएगा।
अजीत सिंह शेखावत, एसपी पानीपत।