पानीपत। समालखा थानाक्षेत्र के एक गांव में किशोरी के अपहरण का प्रयास, छेड़छाड़ और उसकी मां पर जानलेवा हमला करने के तीन दोषियों को अदालत ने 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। जबकि तीन अन्य को मारपीट करने पर तीन साल कैद की सजा सुनाई। इन तीनों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना और 10 साल कैद पाने वाले दोषियों पर 90 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश सुखप्रीत सिंह की अदालत ने चार साल बाद मामले में फैसला सुनाया है।
दो अगस्त 2018 को महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी खेत में घास लेने गई थी। यहां पर अमित पुत्र सुरेश व प्रदीप पुत्र दिनेश बाइक पर आए। उन्होंने बेटी के साथ छेड़छाड़ की और अपहरण का प्रयास किया। उसकी बेटी ने बाइक से कूदकर जान बचाई और घर आकर आपबीती बताई। तभी उनके घर अमित, प्रदीप, दिनेश पुत्र जयभगवान, सुरेश पुत्र जयभगवान, विकास पुत्र दिनेश व कमल पुत्र सुरेश लाठी डंडों और गंडासी लेकर आए और उन पर जानलेवा हमला कर दिया। उन्होंने शोर मचाया तो वे भाग गए। उन्हें समालखा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इन पर जानलेवा हमला, मारपीट, जान से मारने की धमकी एवं पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया था। सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश सुखप्रीत सिंह की अदालत ने अमित पुत्र सुरेश व प्रदीप पुत्र दिनेश को छेड़छाड़ एवं जान से मारने के प्रयास में 10-10 साल की कैद और 60 हजार रुपये जुर्माने की सुजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दोषियों को छह माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। दिनेश पुत्र प्रदीप को भी जानलेवा हमला करने पर 10 साल कैद व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। सुरेश, विकास व कमल को तीन-तीन साल की कैद की सजा सुनाई गई है।