पानीपत। परढ़ाना गांव में 11 दिसंबर 2020 को हुई दहेज हत्या के मामले के दोषी मां-बेटे को अदालत ने 10 साल की कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
12 दिसंबर 2020 को इसराना थाने की पुलिस को दी शिकायत में मतलौडा निवासी दिलबाग पुत्र परमानंद ने बताया था कि उनकी बेटी वर्षा की शादी 26 अप्रैल 2020 को परढ़ाना गांव के प्रदीप पुत्र सत्यनारायण के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही प्रदीप, उसकी मां, जेठ व जेठानी वर्षा को दहेज के लिए परेशान करते थे। उसके साथ लगातार मारपीट की जाती थी। उसने कई बार फोन पर प्रदीप को समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन नहीं माने। 11 दिसंबर 2020 को उसकी वर्षा के साथ फोन पर बात हुई थी। वर्षा फोन पर कह रही थी कि ये लोग उसे मार देंगे। 12 दिसंबर को वर्षा के पड़ोसी की उनके पास कॉल आई। उन्होंने बताया कि वर्षा की मौत हो गई है। वे अपनी पत्नी आशा, बेटे रविंद्र और साहिल के साथ वर्षा की ससुराल पहुंचा। यहां वर्षा का शव बेड पर पड़ा था। उसके ससुरालियों ने वर्षा की हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आरोपी प्रदीप व उसकी मां कमलेश को गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को दोनों को 10-10 साल की कैद की सजा सुनाई गई है। दोनों पर पांच पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न देने पर दोनों को एक माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।