पानीपत। काला जठेड़ी एवं लारेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्यापारी से 20 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही आरोपियों से पूछताछ के बाद वारदात का खुलासा किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी को आठ दिन की रिमांड पर लिया है।
सीआईए-2 प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र ने बताया कि धरे गए आरोपी मतलौडा निवासी रविंद्र उर्फ बिल्लू, नौहरा मोड़ सौधापुर निवासी विक्रम सिंह और कुटानी रोड जगदीश नगर निवासी तुषार हैं। आरोपी रविंद्र एवं विक्रम शॉर्टकट से अमीर बनना चाहते थे। रंगदारी मांगने की कॉल करने के लिए दोनों नेपाल गए और वहां से बगैर आईडी के सिम और मोबाइल फोन खरीदा। नेपाल से ही 26 जून को विराट नगर निवासी व्यापारी संदीप गोयल के नंबर पर दो बार कॉल कर काला जठेड़ी व लारेंस गैंग के नाम पर 20 लाख की रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने पर अंजाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी थी। 29 जून को दोनों पानीपत आ गए और यहां सनौली रोड निवासी तुषार से 700 रुपये में एक सिम कार्ड खरीदा, जिससे उन्होंने व्यापारी को दोबारा कॉल की। इसके बाद रविंद्र और विक्रम को सब्जी मंडी के पास और तुषार को संजय चौक से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी तुषार सनौली रोड पर छतरी लगाकर कंपनी के सिम कार्ड बेचता है। तुषार ने पूछताछ में बताया कि उसने कुछ दिन पहले एक युवक के साथ धोखाधड़ी कर उसकी आईडी पर सिम कार्ड एक्टीवेट कर अपने पास रख लिया था। आरोपी तुषार ने 700 रुपये के लालच में आकर वह एक्टीवेटेड सिम कार्ड आरोपी रविंद्र एवं विक्रम को दे दिया। फिर आरोपी रविंद्र ने 29 जून को उस नंबर से व्यापारी संदीप गोयल को फोन कर दोबारा से धमकी दी।
आरोपी रविंद्र दो माह पहले गांव आसन में संदीप गोयल की फैक्टरी में सामान से कैंटर लेकर गया था। आरोपी रविंद्र छह दिन बाद दोबारा फैक्टरी में गया और गेट पर तैनात गार्ड को फैक्टरी मालिक से मिलवाने के लिए कहा। फैक्टरी में मालिक मौजूद न होने पर गार्ड ने रविंद्र को दोबारा आने के लिए कह दिया। आरोपी रविंद्र ने गार्ड से कहा उसको वेस्टेज धागे के संबध में मालिक से बात करनी है और उनका मोबाइल नंबर मांगा। गार्ड ने रविंद्र को नंबर दे दिया। उसके बाद रंगदारी की साजिश रची।
आरोपी रविंद्र का आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। पानीपत और सोनीपत के अलग-अलग थानों में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। गन्नौर पुलिस ने रविंद्र को पीओ घोषित कर रखा है। वहीं आरोपी विक्रम बेरोजगार है। रविंद्र ने विक्रम के साथ मिलकर रंगदारी की वारदात को अंजाम दिया।
तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपी विक्रम और तुषार को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया और गहनता से पूछताछ करने के लिए आरोपी रविंद्र को आठ दिन की रिमांड पर लिया गया है।
- वीरेंद्र सिंह, सीआईए-2 प्रभारी