जमातियों के बाद अब गेहूं कटाई के लिए आने वाले दूसरे प्रदेशों के लोग जिले के लिए मुसीबत बन गए हैं। हर रोज पानीपत से औसतन 100 कंबाइन व ट्रैक्टर गुजर रहे हैं। पंजाब व उत्तर प्रदेश की लगभग 250 कंबाईन फिलहाल जिल में गेहूं कटाई कर रही है। एक कंबाईन पर 4 से 5 लोग दूसरे प्रदेशों से आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन पर सख्ती करते हुए जिले के 10 बॉर्डर पर पुलिस की सहायता से टीमें लगाई है। कंबाइन पर आने वाले लोगों की बॉर्डर पर स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बाद उसका पूरा डेटा और हिस्ट्री ली जा रही है। सभी सरपंचों को निर्देश दिए गए हैं कि वो कंबाइन पर आने वाले लोगों को गांव से दूर रखें। गांव में इन लोगों को ना आने दें। अगर इनमें किसी को कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत इनकी जांच कराए। वहीं दूसरी ओर कोरोना के पॉजिटिव मरीज करनाल के रसूलपुर गांव के प्रकाश का दोबारा सैंपल खानपुर मेडिकल लैब में भेजा गया है। शुक्रवार शाम को इसके सैंपल की रिपोर्ट आएगी। फिलहाल युवक की हालत स्थिर है। उसमें अब भी कोरोना के कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए हैं। डॉक्टरों द्वारा उनको हेल्दी फूड दिया जा रहा है।
कोरोना पॉजिटिव की हिस्ट्री जानने में स्वास्थ्य विभाग बेबस
डॉक्टरों की टीम रसूलपुर गांव के प्रकाश से उसकी ट्रैवल हिस्ट्री जानने का प्रयास कर रही है। उसकी काउंसलिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग उसी काउंसलिंग करके भी खुद को बेबस महसूस कर रहा है। क्योंकि रोगी मध्यप्रदेश, राजस्थान व दिल्ली होते हुए पानीपत आया है। रोगी को भी ये याद नहीं है कि वो इस दौरान किनके किनके संपर्क में आया था। वो जहां जहां खाने के लिए रुका वहां उसकी किन किन से मुलाकात हुई है। वो कहां से संक्रमित हुआ है। वो ढाई माह तक बाहर रहा है। इसलिए विभाग उसकी काउंसलिंग करने के बाद भी खुद को बेबस महसूस कर रहा है। विभाग ने अब तक मात्र उन चार लोगों को क्वारंटीन किया है जो उसके साथ कंबाइन पर थे। ये 14 दिन तक ईएसआई में क्वारंटीन है। इसके बाद इनके दोबारा सैंपल भेजे जाएंगे।
जमाती ने समालखा में किया जमकर हंगामा
बुधवार रात को समालखा अस्पताल में क्वारंटीन जमाती ने जमकर हंगामा किया। जमाती यहां से घर जाने की जिद कर रहा था। जमाती ने अर्धनग्न अवस्था में एक घंटे तक हंगामा किया और डॉक्टरों के साथ बदतमीजी की। सिविल सर्जन ने इसकी सूचना समालखा थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जमाती को समझाया।
सीएम को शिकायत करने के बाद अब अधिकारी पूछ रहे मंजू से परेशानी
नौल्था गांव की मंजू कोरोना से जंग जीत चुकी है। फिलहाल वो गांव में अपने घर है और बिल्कुल स्वस्थ है। मंजु से सीएम मनोहर लाल ने फोन कर हाल चाल जाना था। इस पर मंजु ने सीएम से शिकायत करते हुए कहा था कि प्रशासनिक अधिकारियों व गांव के लोगों ने उसके साथ बर्ताव सही नहीं किया। परिवार को राशन तक नहीं मिला। इसके बाद सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया था कि अब किसी के साथ ऐसा नहीं होगा। सीएम ने डीसी को निर्देश दिए कि कोरोना के मरीजों का ख्याल रखा जाए। इसके बाद अब हर रोज अधिकारी उसको फोन कर उसकी जरूरत व परेशानी पूछ रहे हैं। सरपंच दो बार उनके घर राशन भिजवा चुके हैं।
9 हेल्थ मोबाइल टीमों का किया गठन
जिले में कोरोना वायरस से संबंधित रोगियों की स्क्रीनिंग के लिए जिले भर में स्वास्थ्य जांच कैंप लगाए जाएंगे। इसके लिए 9 हेल्थ मोबाइल टीम बनाई गई हैं। एसएमओ डॉ. ललित वर्मा को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है। सेक्टर 11-12 में डॉ. विशाल, सेक्टर 25 में डॉ. स्वाति, काबड़ी में डॉ. मनदीप व डॉ. रचना, समालखा में डॉ. विकास व डॉ. रजत मुंजाल, बापौली में डॉ. सोमबीर, नौल्था में डॉ. ज्योति दहिया व डॉ. दिनेश बिंद्रा, अहर में डॉ. नीना, मडलौडा में डॉ. निधि, खोतपुरा में डॉ. प्रतिभा व डॉ. नीलू को लगाया गया है।
मध्य प्रदेश से आए लोगों को भेजे सैंपल
गेेहूं कटाई के लिए मध्य प्रदेश से आए लोगों की जांच की जा रही है। उनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। वीरवार को 9 सैंपल भेजे गए हैं। इनमें एक तीन साल की बच्ची भी है। इनके सैंपल की रिपोर्ट शुक्रवार को आएगी।
अब तक 312 में से 289 रिपोर्ट नेगेटिव
अब कोरोना वायरस से संबंधित कुल 312 सैंपल अभी तक लिए गए हैं। जिनमें से 289 की रिपोर्ट नेगटिव मिली है। 24 सैंपल की अब तक रिपोर्ट नहीं मिली है। होम अंडर क्वॉरंटीन के तहत 678 घरों के बाहर नोटिस चस्पा किए गए हैं। अब तक 483 घरों में 2438 लोगों को क्वॉरंटीन में रखा गया है।
सभी सरपंचों को निर्देश, बाहर से आए लोगों को ना आने दें गांव- डॉ. वर्मा
अब दूसरे प्रदेशों से कंबाइन लेकर लोग गेहूं कटाई के लिए आ रहे हैं। इनकी बॉर्डर पर स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बाद इनकी एंट्री हो रही है। सभी सरपंच को निर्देश दिए हैं कि वो बाहर से आने वाले लोगों का ध्यान रखें उन्हें गांव में ना आने दें। गांव में भी सोशल डिस्टैंसिंग बनाए रखें।
डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन पानीपत।