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Panipat News: इस बार होली पर भद्रा का साया, चंद्र ग्रहण भी रहेगा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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पानीपत। होली पर इस बार भद्रा का साया रहेगा। यह साया पूर्णिमा लगते ही शुरू होगा। ऐसे में आधी रात के समय होली का दहन किया जा सकेगा। इस बार होली पर चंद्र ग्रहण भी रहेगा मगर यह देश में नहीं देखा जा सकेगा। इसका प्रभाव यूरोपीय देशों में अधिक रहेगा।
पंडित प्रवीण शास्त्री ने बताया कि होली फाल्गुन मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसके अगले दिन फाग होता है। जिसे रंगों के त्योहार से भी जाना जाता है। इस बार होलिका दहन 13 मार्च को होगी और 14 मार्च को फाग खेला जाएगा। इस दिन लोग एक-दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर एक दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।
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इस वर्ष फाल्गुन की पूर्णिमा 13 मार्च को सुबह 10:35 बजे शुरू होगी और यह रात्रि 11:25 बजे तक रहेगी। भद्रा काल इसके साथ ही शुरू हो जाएगा। यह पूरा समय तक रहेगी। इस कारण होलिका का दहन शाम के समय नहीं किया जा सकेगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात्रि 11:26 से 12:30 बजे तक रहेगा।

होली पर भद्रा होने के चलते कुछ कष्टदायक हो सकती है। शास्त्रों में होलिका दहन पर कुछ उपाय करना उचित व लाभकारी बताए हैं। इस दिन घर में बांस का पौधा लगाना चाहिए। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। घर के दरवाजे पर आम के पत्तों की माला लगानी चाहिए। ऐसा करने से घर में लक्ष्मी का वास होता है।
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दहन से पहले होलिका की पूजा करनी चाहिए। पूजा में गाय के गोबर से बने कंडे भी डालने चाहिए। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार चल रहा है तो उसे होली की पूजा में कच्चा सूत, एक गन्ना और गेहूं की सात बाली चढ़ानी चाहिए। इससे उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। होली के दिन भगवान नरसिंह की पूजा और व्रत करना भी फलदायी होता है।
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