माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बांग्लादेश के नागरिकों की घुसपैठ लगातार बढ़ रही है। जिले में नौ माह में 51 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घुसपैठियों का जाल बांग्लादेश के ठाकुर गांव जिले तक फैला है। पांच हजार रुपये में अवैध रूप से बॉर्डर पार कराकर इन्हें भारत में प्रवेश कराया जाता है।
फिर पश्चिम बंगाल के रास्ते देश के अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में ठेकेदारों के माध्यम ने फैक्टरियों में काम दिला दिया जाता है। पुलिस अब इस नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। औद्योगिक नगरी पानीपत में करीब तीन से चार लाख प्रवासी मजदूर काम करते हैं। इनमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल के मजदूर हैं।
पश्चिम बंगाल के बॉर्डर के जिलों से भी बड़ी संख्या में प्रवासी पानीपत में काम करते हैं। उन्हीं की आड़ में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिए भी भारत में अवैध रूप से घुसकर पानीपत पहुंच रहे हैं। हाल में पकड़े गए तीन बांग्लादेशियों से पूछताछ में पुलिस के सामने कई तथ्य आए हैं। अब तक जिले में 51 बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रहते हुए पकड़े गए हैं। इनमें से कुछ 30-30 साल से तो कुछ तीन से चार साल पहले भारत में घुसे थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इनमें सबसे अधिक नागरिक बांग्लादेश के ठाकुर गांव जिले के रहने वाले हैं। जहां से यह उत्तर दिनाजपुर जिले के बॉर्डर पर पहुंचते हैं। जहां कुछ लोग पांच से 10 हजार रुपये लेकर उन्हें बॉर्डर पार करा देते हैं।