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Panipat News: दो दिन नहीं होंगे पोस्टमार्टम, इमरजेंसी सेवाएं भी रहेंगी बंद

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पानीपत। सरकार ने सरकारी डॉक्टरों को 25 जुलाई से पहले उनकी मांगों पर नोटिफिकेशन जारी करने का भरोसा दिया था। डॉक्टर भी अपनी हड़ताल वापस लेने के मूड में आ गए थे। सरकार ने बुधवार शाम छह बजे तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। ऐसे में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने दो दिन तक हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। वीरवार को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर सभी प्रकार की सेवाएं बंद रखेंगे। सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम नहीं होंगे, डिलीवरी सेवाएं भी बंद रखी जाएंगी। इमरजेंसी व ओपीडी भी बंद रहेगी। ऐसे में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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सिविल सर्जन ने एनएचएम के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में भर्ती डॉक्टरों को अलर्ट पर रखा है। उन पर दो दिन तक इलाज करने का जिम्मा होगा लेकिन इनकी संख्या पर्याप्त नहीं है। जिला नागरिक अस्पताल में एनएचएम के माध्यम से दो बाल रोग विशेषज्ञ, एक फिजियोथैरेपिस्ट व तीन एमबीबीएस डॉक्टर कार्यरत हैं। यह पोस्टमार्टम करने के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं। डिलीवरी का जिम्मा नर्सिंग ऑफिसर पर रहेगा लेकिन सिजेरियन डिलीवरी बंद रहेंगी। जिला नागरिक अस्पताल में हर रोज 30-40 के बीच सिजेरियन डिलीवरी होती है। लगभग 1500 की ओपीडी है। इमरजेंसी में प्रतिदिन 50 से अधिक एमएलआर व एमएलसी कटती है। हर रोज औसतन दो-तीन पोस्टमार्टम होते हैं। जिले में जिला नागरिक अस्पताल के अलावा दूसरी जगहों पर पोस्टमार्टम की सेवाएं उपलब्ध नहीं है।

एचसीएमएस एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. रिंकू सांगवान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों के लिए अलग से कैडर बनाने की मांग की जा रही है। इसको सीएम की घोषणा में शामिल किया गया था। ढाई साल बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। एसोसिएशन ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को भी लिखित में मांगपत्र दिया गया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से चिकित्सकों की मांगें लंबित हैं। उन्होंने बताया कि सर्विस में चिकित्सकों को जिस वक्त पीजी करने जाना होता है, तो एक-एक करोड़ रुपये के दो बांड भरने पड़ते हैं। एसोसिएशन की मांग है कि पुरानी पॉलिसी को लागू कर दिया जाए। पहले यह राशि 50 लाख थी, लेकिन सरकार ने नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। सरकार ने उनके साथ वादाखिलाफी की है। अब वह सरकार के झांसे में नहीं आने वाले। डॉक्टर दो दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। शुक्रवार तक सभी सेवाएं बंद रहेगी।
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एसोसिएशन की प्रमुख मांग-



डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन हो, गतिशील सुनिश्चित कॅरियर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए। पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख किए जाने की मांग। ग्रामीण क्षेत्रों को दूरस्थ घोषित कर पीजी कोटा बहाल करने की मांग। स्पेशलिस्ट के लिए अतिरिक्त इंसेटिव। डॉक्टर की 10 साल में प्रमोशन। जल्द पीजी पॉलिसी बनाने की मांग।
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