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Panipat News: पुरातात्विक स्थलों के 300 मीटर दायरे में नहीं होगा कोई निर्माण

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पानीपत। पुरातात्विक और विरासत स्थलों के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार का संस्कृति मंत्रालय सख्त हो चुका है। इन स्थलों के आसपास लगातार होने वाले अवैध निर्माणों की वजह से इन स्थलाें के नुकसान होने की आशंका बढ़ती जा रही है। जबकि निगम इन पर नकेल कसने और अनापत्ति प्रमाणपत्र देने में ही उलझा रहता है। इसे लेकर अब मंत्रालय की ओर से स्पष्ट रूप से आदेश जारी किए गए हैं कि कोई भी अब ऐसे स्थलों के 300 मीटर दायरे में भवन निर्माण नहीं कर पाएगा। किसी प्रकार के निर्माण के लिए अब निकाय से पहले मंत्रालय से भी अनुमति लेनी होगी। इन आदेशों की अवमानना पर ऐसे स्थालों को गिराया तक जा सकता है। मंत्रालय ने प्रदेश के 16 जिलों में स्थित 91 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों की सूची भी जारी की है। इनमें कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, पलवल और हिसार के सबसे ज्यादा संरक्षित स्मारक शामिल हैं। खास बात यह है कि इन स्मारकों में कोस मीनारों को भी शामिल किया गया है।
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केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रो. किशोर कुमार बासा ने शहरी स्थानीय निकाय को निर्देश दिया है कि केंद्रीय संरक्षित स्मारक के दायरे मेें आने वाले संरक्षित एरिया में अवैध निर्माण हो रहे हैं। इसे लेकर राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण के पास अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने के लिए आवेदन आ रहे हैं। इन्हें पुरातात्विक स्थल एवं विरासत योग्य स्थल के नियमानुसार रद्द किया जा रहा है। मंत्रालय के समक्ष आया है कि जो लोग अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर रहे हैं, वे इनके नियमों को लेकर जागरूक नहीं हैं।
ऐसे में निगम की ओर से उन्हें भवन नक्शा एवं अनुमति देने से पहले ही इनकी जांच पड़ताल करनी होगी। इसे देखते हुए उन्होंने प्रदेश के सभी निकायों को निर्देश जारी किए हैं कि निगम की अनुमति से पहले किसी भी प्रकार के निर्माण को लेकर पहले राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण की ओर से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अगर संबंधित क्षेत्र में कोई इस प्रकार का अवैध निर्माण करता मिला तो उसके खिलाफ मंत्रालय और निगम सख्त कार्रवाई करेगा। इसमें भवन गिराने से लेकर, सील करने और नोटिस देने की भी कार्रवाई शामिल रहेगी।
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पानीपत में झट्टीपुर, किवाना, मनाना, सिवाह, तरफ अफगान और तरफ इंसार में कोस मीनारों को शामिल किया गया है। इनके अलावा उग्राखेड़ी गांव के पास काला आंब, काबुली बाग मस्जिद, सलारगंज गेट और इब्राहिम लोधी का मकबरा भी इन स्मारक और पुरातात्विक स्थलों की सूची में शामिल हैं।
पुरातात्विक और विरासत स्थलों के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार और शहरी स्थानीय निकाय की ओर से सख्त आदेश जारी किए गए हैं। निर्देशानुसार किसी भी ऐसे स्थल के 300 मीटर के दायरे में किसी प्रकार से अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। अगर निर्माण करना है तो इसकी अनुमति राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण के साथ नगर निगम से भी लेनी होगी। आदेश की अवमानना पर भवन गिराने से लेकर नोटिस देने और सील करने का भी प्रावधान है।
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- योगेश तोमर, एटीपी, पानीपत।
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