पानीपत। सिविल अस्पताल से एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) का रिकॉर्ड चोरी हो गया या गायब कर दिया गया। इस रिकॉर्ड में 10 हजार के सामान के बिल और कुछ महत्वपूर्ण फाइलें थीं। इस मामले में अब तत्कालीन डिप्टी सिविल सर्जन व एमएस पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ऑडिट टीम के सामने जिस अलमारी के चोरी होने की बात कही है, उसमें कौन-कौन सी फाइलें थीं। इस बारे में अस्पताल में पूरे दिन चर्चा रही। एनएचएम कार्यालय में यह मामला उजागर होने के बाद हड़कंप मचा है। अब इसके जिम्मेदार डिप्टी सिविल सर्जन व तत्कालीन एमएस से पूछताछ होगी।
अस्पताल प्रबंधन का मत है कि 2018 में नई बिल्डिंग में सामान शिफ्ट करते हुए अलमारी चोरी हुई है। अब सिविल सर्जन ने इस संबंध में पीएमओ को जांच के निर्देश दिए हैं। उस वक्त के तत्कालीन एमएस व स्टोर कीपर से पूछताछ की जाएगी। सिविल सर्जन ने पीएमओ को जिम्मेदारों पर विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है। दूसरी ओर 2018 में पट्टीकल्याणा पीएचसी से चोरी इन्वर्टर व बैटरी मामले का भी अब पुलिस से फॉलोअप लिया जा रहा है। ऑडिट टीम ने चोरी इन्वर्टर व बैटरी की कीमत 64 हजार रुपये आंकी है। टीम ने अपनी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी है। रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
दो सदस्यीय टीम सात दिन तक जिले में रही। टीम 2018-2019 का रिकॉर्ड मांगती रही। स्वास्थ्य कर्मचारी जल्द रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की बात कहते रहे। जब रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा पाए तो ऑडिट टीम ने सिविल सर्जन से इस बारे में बात की। सिविल सर्जन ने कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि अस्पताल से 2018 में अलमारी चोरी हो चुकी है। उसी में बिल थे। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक की ओर से एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। अब ऑडिट टीम ने स्वास्थ्य कर्मचारियों को चोरी मामले का फॉलोअप लेने को कहा है।
पूरे मामले की जांच की जा रही है। 2018 में जो भी एमएस थे, उनसे पूछताछ की जाएगी। जांच में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन