पानीपत। लोकसभा चुनाव में इस बार संवेदनशील और अति संंवेदनशील बूथों की शब्दावली को बदल दिया है। अति संवेदनशील बूथों को वनरेबल और संवेदनशील बूथों को दिया क्रिटिकल बूथ नाम दिया है। चुनाव आयोग ने इनकी परिभाषा बदलकर विस्तार भी दिया है। अति संवेदनशील बूथों में केवल लड़ाई झगड़े या बूथ कैप्चरिंग के साथ पैसे का लालच देकर वोट को प्रभावित करना शामिल किया है। जिला में ऐसे 12 बूथ चिह्नित भी किए हैं। इनके अलावा क्रिटिकल बूथ की संख्या 134 है।
चुनाव में कई दशक से बूथों का वर्गीकरण तीन श्रेणियों में किया जाता है। इसमें सामान्य, संवेदनशील और अति संंवेदनशील। इन्हीं के आधार पर बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाते हैं। चुनाव आयोग ने इस बार इनकी शब्दावली को बदल दिया है। इसमें सबसे बड़ी वनरेबल बूथ हैं। इसमें इन बूथों को शामिल किया गया है, जहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग या जल्दी प्रभावित होने वाले लोग रहते हैं। माना जाता है कि ये लोग जल्दी प्रभावित होते हैं और अपने वोट का प्रयोग उसी पक्ष में कर देते हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय ने इन बूथों को अलग-अलग श्रेणी में करने के लिए पिछले दिनों पूरा काम किया था। जिले में सामान्य के साथ वनरेबल (अति संंवेदनशील) और क्रिटिकल (संवेदनशील) बूथों को चिह्नित किया है।
पुलिस के रहेंगे अतिरिक्त प्रबंध
वनरेबल और क्रिटिकल बूथों पर पुलिस के अतिरिक्त प्रबंध रहेंगे। क्रिटिकल बूथों पर मारपीट की संभावना अधिक रहती है। इन बूथों की श्रेणी पिछले चुनावों की रिपोर्ट के आधार पर भी तय की जाती हैं। पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने इनको लेकर मंगलवार देर शाम को अधिकारियों के साथ बैठक भी की है। वनरेबल बूथों पर पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों के जवान भी तैनात रहेंगे। वहीं क्रिटिकल बूथों पर भी पुलिस के
अतिरिक्त प्रबंध रहेंगे।
जिले में यहां इतने मतदान केंद्र
विधानसभा संख्या
पानीपत ग्रामीण 249
पानीपत शहर 196
इसराना 199
समालखा 232
कुल 876
वर्जन :
लोकसभा चुनाव को लेकर बूथों की श्रेणी तय कर ली गई है। इस बार सामान्य, वनरेबल और क्रिटिकल बूथ नाम दिए गए हैं। प्रशासन और पुलिस को प्रत्येक विधानसभा के बूथों का विवरण भी दे दिया हैं। यहां सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
सुदेश राणा, तहसीलदार चुनाव।