पानीपत में संघ की बैठक में एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पट्टी कल्याणा स्थित माधव सृष्टि केंद्र को उत्तर भारत का सबसे प्रमुख केंद्र बनाए जाने का है। यह नागपुर के बाद सबसे महत्वपूर्ण केंद्र होगा। माधव सृष्टि केंद्र करीब 25 एकड़ में है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष में अपने सांगठनिक ढांचे में व्यापक बदलाव करने जा रहा है। प्रांत की व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है। साथ ही प्रांत प्रचारक का पद भी समाप्त कर दिया जाएगा। प्रत्येक राज्य में एक ही राज्य प्रचारक होगा। राज्य में आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से संभाग होंगे। अभी तक संभाग की व्यवस्था नहीं थी।
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पट्टी कल्याणा स्थित माधव सृष्टि केंद्र में चल रही संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के दूसरे दिन शनिवार को सांगठनिक व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया। संघ प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई। रविवार को निर्णय लेकर व्यवस्था में परिवर्तन की घोषणा की जाएगी। एक और बदलाव क्षेत्र की संख्या में होगा। संघ ने पूरे देश को कामकाज की सुविधा के लिहाज से 11 क्षेत्र और 46 प्रांत में बांट रखा है। क्षेत्र की संख्या को अब नौ किया जा रहा है। अब उत्तर क्षेत्र, पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र, पश्चिम क्षेत्र, मध्य क्षेत्र, दक्षिण क्षेत्र, दक्षिण-मध्य क्षेत्र, पूर्व क्षेत्र, असम/उत्तर-पूर्व क्षेत्र होंगे।
प्रत्येक प्रांत में एक प्रचारक और एक सह प्रचारक है। ये पद समाप्त कर दिए जाएंगे। प्रत्येक संभाग में छह विभाग होंगे और उनके अलग-अलग प्रचारक बनाए जाएंगे। इसके साथ ही मंडल कार्यवाह और सह मंडल कार्यवाह भी बनाए जा सकते हैं। एक तरह से संभाग प्रांत की जगह लेंगे। यूपी में पहले छह प्रांत थे। अब छह संभाग होंगे। एक और प्रस्ताव गांवों में शाखाओं का विस्तार करने का है। इसके तहत बड़ी संख्या में शाखाएं खोली जाएंगी।
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नागपुर के बाद सबसे महत्वपूर्ण केंद्र होगा पट्टी कल्याणा
संघ की बैठक में एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पट्टी कल्याणा स्थित माधव सृष्टि केंद्र को उत्तर भारत का सबसे प्रमुख केंद्र बनाए जाने का है। यह नागपुर के बाद सबसे महत्वपूर्ण केंद्र होगा। माधव सृष्टि केंद्र करीब 25 एकड़ में है। यह दिल्ली से चंडीगढ़ एनएच-44 पर समालखा के पट्टीकल्याणा गांव में है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आठ साल पहले इसकी आधारशिला रखी थी।
इसमें खेल से लेकर गोशाला और प्राकृतिक आधारित खेती की जाती है। कौशल विकास प्रशिक्षण के तहत धागे और टेक्सटाइल का काम भी सिखाया जा रहा है। संघ माधव सृष्टि केंद्र को नागपुर मुख्यालय की तरह विकसित करना चाहता है। पहले कार्यालय का नाम सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र था। सभा की तीन दिवसीय बैठक से पहले ही इसका नया नाम रखा है। यह नाम आरएसएस के दूसरे सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर के नाम पर है। उन्हें गुरुजी के नाम से भी जाना जाता है। इसी तरह संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के नाम से मुंबई केशव सृष्टि केंद्र है।