तेज अंधड़ तूफान से शनिवार की रात से सबसे ज्यादा नुकसान बिजली निगम का हुआ है। इससे जिले भर की बात करें तो तकरीबन 650 खंभे टूट गए हैं। जिससे बिजली सप्लाई की 11 केवी, 33 केवी व 440 वोल्ट की तारें भी टूट चुकी हैं। जिससे बिजली घरों से फीडरों का संपर्क टूट चुका है। इससे जिले भर के करीब 190 गांव और जिले की करीब 300 से भी ज्यादा कॉलोनियों में रात दो बजे से लेकर शाम पांच बजे तक बिजली गुल रही। तूफान ने यह अब तक सबसे बड़ा झटका बिजली निगम को दिया है। हालांकि इस तूफान की वजह से जिलों में बिजली सप्लाई करने वाली हाईटेंशन टावरों को अभी तक नुकसान नहीं पहुंच पाया है। वहीं निगम अधिकारी तूफान जाने के बाद से फॉल्टों को ढूंढ कर ठीक करने में जुटे हुए हैं।
दोपहर करीब 12 बजे तक जिले भर से निगम करीब 650 बिजली के खंभों की रिपोर्ट बना चुका है। वहीं जहां नुकसान कम हुआ है, अधिकारी वहां जाकर पहले मरम्मत का काम करने पर जुटे हैं। रविवार शाम तक शहर की आधी कॉलोनियों को लाइट सप्लाई दी जा चुकी हैं, हांलाकि करीब आधी कॉलोनियों में देर रात तक भी लाइट चालू नहीं हो पाई है। निगम अधिकारियों का मानना है कि वे सबसे पहले रिहायशी एरिया के फॉल्ट ढूंढ कर बिजली सप्लाई चालू करेंगे। इसके बाइ इंडस्ट्री को बिजली दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले भर के खेतों में जाने वाली लाइनों को चालू करने में थोड़ा समय लग सकता है।
दो दिन तक नहीं आसार
निगम अधिकारी व कर्मचारियों से बातचीत करने के बाद पता चला कि वे दिन रात बिजली सप्लाई का चालू करने का प्रयास कर रहे हैं, प्राथमिकता के लिहाज से जिले के रिहायशी एरिया को सोमवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति करने का प्लान बनाया गया है। वहीं पूरे जिले में व खेेतों में बिजली सप्लाई चालू होने में मंगलवार शाम तक का समय लग सकता है।
टावर बचे, नहीं तो सबको झेलनी पड़ती मार
एक जिले से दूसरे जिले में बिजली सप्लाई पहुुंचाने वाली जिले की करीब 40 हाईटेंशन तारों की लाइनों व इनके टॉवरों को तूफान से बचाव रह गया है। अगर इनमें से एक भी लाइन की स्थिति गड़बड़ा जाती तो जिले भर के लिए कई दिनों तक बिजली संकट से जूझना पड़ता। इस बात की पुष्टि बिजली वितरण निगम के एक्सईएन विनय जैन ने करते हुए कहा कि पानीपत में हाईटेेंशन तारों को अभी तक नुकसान नहीं पहुंच पाया है।
24 घंटे की ड्यूटी पर निकले अधिकारी और कर्मचारी
सब अर्बन डिविजन के एसडीओ आदित्य कुंडू ने बताया कि तेज तूफान के बाद से ही उन्होंने अपनी टीम को निगम के हुए नुकसान की जांच पड़ताल के लिए लगा दिया है। उनकी टीम देर रात तक पिछले 18 घंटे से काम करती आ रही है। वहीं सभी अधिकारी व कर्मचारी 24 घंटे की ड्यूटी देने के लिए फील्ड पर उतर चुके हैं। सभी एसडीओ अपने अपने क्षेत्र में जाकर नुकसान का मुआयना कर रहे हैं। रविवार तक काफी जगहों पर लाइट को चालू कर दिया गया, बाकी की सप्लाई को चालू करने में थोड़ा बहुत समय लग सकता है।