- गैलरी में बारिश का पानी जमा होने से बच्चों की आवाजाही हो रही मुश्किल
- दोनों स्कूलों के नहीं मुखिया, पहली से 12वीं तक के स्कूल में 398 व लड़कियों के हाई स्कूल में 184 विद्यार्थी
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के पैतृक गांव कवी के दो में से किसी भी सरकारी स्कूलों की स्थिति अच्छी नहीं है। सीनियर सेकेंडरी स्कूल का हॉल कंडम हो चुका है। इसके बाहर असुरक्षित भवन लिखकर चारों तरफ तारबंदी की गई है। लड़कियों के हाई स्कूल के तीन कमरों के बरामदे और किचन की छत से पानी टपकता है। रास्ते में बारिश का पानी जमा होने से बच्चों का बाहर और अंदर जाना चुनौतीपूर्ण है। दोनों में से किसी भी स्कूल में मुखिया नहीं है। सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दूसरे स्कूल के प्रधानाचार्य को डीडी पावर दी गई है और लड़कियों के हाई स्कूल में प्राइमरी शिक्षक को चार्ज दिया गया है।
कवी गांव जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर मतलौडा से करनाल रोड पर स्थित है। गांव में दो सरकारी स्कूल हैं। दोनों स्कूल आमने-सामने हैं। एक लड़कियों के लिए पहली से दसवीं और दूसरा पहली से 12वीं कक्षा तक है।
रिपोर्ट कार्ड-
राजकीय कन्या उच्च विद्यालय
स्कूल कब बना : 1995
विद्यार्थियों की संख्या : 184
शिक्षकों के स्वीकृत पद : 17
शिक्षक कार्यरत : 14
कमरों की संख्या : 09
कमरे कितने चाहिए : 14
स्कूल की स्थिति :
राजकीय कन्या उच्च विद्यालय की प्राइमरी स्कूल का भवन 1995 में बनाया था। इसे 2005 में अपग्रेड कर बाकी बिल्डिंग बनाई। स्कूल की पहली से पांचवीं कक्षा तक 51 और छठी से 10वीं तक 123 छात्राएं हैं। प्राइमरी विंग में पांच कक्षाओं के आगे चार कमरे हैं। अन्य तीन कमरों में एक में रसोई, एक में लाइब्रेरी और एक में आंगनबाड़ी है। स्कूल का कंप्यूटर रूम जर्जर हो चुका है। तीन कमरों के बरामदे की छत टपकती है और मिडिल की किचन की छत कंडम हो चुकी है। स्कूल में मुख्याध्यापक, ड्राइंग टीचर और पीटीआई के पद खाली हैं।
रिपोर्ट कार्ड :
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
स्कूल कब बना : 1969 और 2007
विद्यार्थियों की संख्या : 398
शिक्षकों के स्वीकृत पद : 33
शिक्षक कार्यरत : 31
कमरों की संख्या : 28
कमरे कितने चाहिए : 28
स्कूल की स्थिति : राजकीय सीसे स्कूल 1969 में बनाया था। इसके बाद 2007 में स्कूल की छत बदलवा दी थी। एक समय में स्कूल में करीब एक हजार विद्यार्थी पढ़ते थे। स्कूल की देखभाल ग्राम पंचायत व गांव की कमेटी करती थी। उस समय स्कूल में आसपास के गांवों के बच्चे आते थे। अब पहली से पांचवीं तक 107 और छठी से 12वीं कक्षा तक 291 विद्यार्थी हैं। स्कूल में छात्र संख्या भी इतनी बेहतर नहीं है। स्कूल का हाॅल कंडम हो चुका है। ऐसे में सामूहिक कार्यक्रम नहीं हो पा रहे हैं। स्कूल में प्रिंसिपल और इतिहास विभाग के शिक्षक नहीं हैं।
स्कूल में पांच कमरों की मांग है। मिडिल स्कूल की किचन की छत टपकती है। इसकी मरम्मत के लिए लिखा गया है। स्कूल में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
- जयभगवान, कार्यकारी मुख्याध्यापक, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कवी।
स्कूल में बच्चों की संख्या के अनुरूप कमरे पर्याप्त हैं। प्रिंसिपल और इतिहास विषय के प्रवक्ता का पद रिक्त है। हाॅल निर्माण के लिए एस्टीमेट बनाया जाएगा। इसको गिरा जल्द ही नया बनाया जाएगा।
- रणदीप मान, वरिष्ठ प्रवक्ता, राजकीय सीसे स्कूल कवी।
सभी स्कूलों से स्टाफ और कमरों की रिपोर्ट ली गई है। कवी गांव के स्कूल के हाॅल और किचन को बनवाया जाएगा।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत
राजकीय सीसे स्कूल कवी का कंडम हाल। संवाद
राजकीय सीसे स्कूल कवी का कंडम हाल। संवाद
राजकीय सीसे स्कूल कवी का कंडम हाल। संवाद